रेवाड़ी। टीबी मुक्त भारत अभियान को नई दिशा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अब शहर के वार्डों में भी सर्वे अभियान शुरू कर दिया है। जिस तरह ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने की पहल की गई थी, उसी तर्ज पर अब शहरी वार्डों को भी ‘टीबी फ्री वार्ड’ घोषित किया जाएगा।
अभियान के तहत शहर के 31 वार्डों में घर-घर जाकर टीबी की जांच की जाएगी। टीबी मरीजों के परिजनों, सहकर्मियों और जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वालों की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। अभियान के तय मानकों को पूरा करने वाले वार्डों को विश्व क्षय रोग दिवस पर जिला उपायुक्त की ओर से टीबी मुक्त वार्ड प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
वहीं, यदि कोई वार्ड लगातार तीन वर्ष तक टीबी मुक्त रहता है तो उसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा। पहले वर्ष में कांस्य और दूसरे में रजत प्रतिमा दी जाएगी।
टीबी का उपचार है निशुल्क
जिला टीबी अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि केवल खांसी ही टीबी का लक्षण नहीं है। बलगम में खून आना, वजन घटना, लगातार बुखार रहना, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और शरीर में गांठें होना भी इसके संकेत हैं। उन्होंने लोगों से समय पर जांच करवाने, पौष्टिक आहार लेने और पूरा इलाज करवाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह निशुल्क है।
आठ माह में 25,503 जांच, 1246 में टीबी की पुष्टि
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अगस्त तक 25,503 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें 1246 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। चिकित्सकों के मुताबिक लगभग 20 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं, जिनमें लक्षण होने के बावजूद वे जांच नहीं करवाते, जिससे संक्रमण फैलता जाता है। एक संक्रमित व्यक्ति 10 से 15 अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है।
मापदंड तय किए गए
- प्रति 1000 जनसंख्या पर केवल 1 केस हो
- हर 1000 पर कम से कम 30 बलगम जांचें हों
- सभी मरीजों का ड्रग सेंसिटिविटी टेस्ट अनिवार्य
- कोई मरीज इलाज बीच में न छोड़े
- सभी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ मिले
- हर मरीज गोद लिया जाए और पोषण किट प्राप्त करे
डॉ. दीपक वर्मा, नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन रेवाड़ी ने कहा कि शहर के सभी 31 वार्डों में टीबी मुक्त करने का विशेष कैंपेन शुरू कर दिया गया है। लक्ष्य है कि रेवाड़ी को जल्द ही टीबी मुक्त घोषित किया जा सके। अभी टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। इसके बाद लोगों की जांच भी की जाएगी।
शहर में टीबी की सर्वे करती विभाग की टीम। संवाद- फोटो : 1