रेवाड़ी। जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय। फाइल फोटो
रेवाड़ी। जिले में हर साल सरकारी विद्यालयों में घटती छात्रों की संख्या को लेकर शिक्षा विभाग तमाम दावे करे, लेकिन विभाग की योजनाएं जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहीं। नए सत्र 2024-2025 में जिले के सरकारी विद्यालयों में 7872 नए दाखिले करने का लक्ष्य दिया गया है। अभी तक सरकारी विद्यालयों में मजह 801 नए विद्यार्थियों के ही दाखिले हुए हैं।
एक अप्रैल से प्रवेश उत्सव शुरू होने के साथ ही सरकारी विद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में दाखिले का आंकड़ा असंतोषजनक देखने को मिल रहा है। फिलहाल अभी तक पहली कक्षा में 260, दूसरी 53, तीसरी कक्षा में 36, चौथी 26, पांचवीं 24, छठी, 2, सातवीं में 4, आठवीं में 1, नौवीं से लेकर ग्यारहवीं में शून्य और बारहवीं में 1 नए दाखिले हुए हैं। वहीं जिले के बाल वाटिका में 395 नए दाखिले अभी तक हुए हैं।
सत्र 2017-18 में जिले के सरकारी विद्यालय में बच्चों की संख्या करीब 65 हजार थी। सत्र 2018- 19 में 1238 विद्यार्थियों की संख्या में कमी हुई। सत्र 2019-20 में यह संख्या 62 हजार के करीब पहुंच गई। सत्र 2020- 21 में विद्यार्थियों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। सत्र 2021-22 में 72286 और सत्र 2022-23 में 71737 विद्यार्थी थे। 2023-24 सत्र में विद्यार्थियों की न संख्या 60552 पहुंच गई। 2 सालों में करीब 12 हजार विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है। वहीं सरकारी स्कूलों को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी सरकारी विद्यालयों में न अभिभावक और न ही विद्यार्थी रुचि दिखा रहे हैं।
वर्जन
विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही शहर और गांव में विभाग की टीम डोर-टू डोर जाकर अभिभावकों को बच्चों का सरकारी विद्यालय में दाखिले के लिए जागरूक कर रही है। उम्मीद है कि पिछले वर्ष के मुकाबले छात्र संख्या बढ़ेगी।-कपिल पूनिया, डीईईओ रेवाड़ी।