रेवाड़ी। अब शहरी क्षेत्र के लोगों को जल संरक्षण का महत्व बताया जाएगा। यह अभियान अमृत 2.0 के तहत चलाया जाना है। वहीं, जनस्वास्थ्य और अभियांत्रिकी विभाग की ओर से शहरी एरिया में पानी, सीवरेज के कनेक्शन वैध या अवैध इसको लेकर भी सर्वे होगा। इस दौरान अवैध कनेक्शन को नियमित भी किया जाएगा। इसे लेकर शिक्षण संस्थान, वरिष्ठ नागरिक, स्वयं सहायता समूह व अन्य संगठनों को भी साथ में जोड़ा जाएगा। इसमें शहरी क्षेत्रों का कायाकल्प होना है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक स्तर पर शहर में 31 मार्च तक कनेक्शन वैध करने का लक्ष्य रखकर कार्य शुरू किया गया है। इस दौरान उपभोक्ताओं को नए नल, सीवरेज कनेक्शन के बारे जागरूक किया जाना है। पेयजल की बर्बादी को रोकने के उपायों के बारे व्यवहार में परिवर्तन करना है। साथ ही लोगों के बीच पेयजल आपूर्ति के बुनियादी ढांचा पैदा करना है। अवैध कनेक्शन धारकों को कनेक्शन वैध करवाने के लिए पहले कुछ समय दिया जाएगा। इस अवधि में कनेक्शन वैध नहीं करवाए तो उन अवैध कनेक्शन को काट दिया जाएगा। यह टीम घर-घर जाकर कनेक्शन की जांच करेगी। अगर कहीं पेयजल लीकेज की शिकायत मिलती है तो उसे तत्काल ठीक करवाएंगे।
तीन शहरों में चलाया जाएगा अभियान
जिले में यह विशेष अभियान रेवाड़ी शहर, धारूहेड़ा व बावल शहर में चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम में अभियान चलाकर स्कूली विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाएगा। इनके साथ और भी लोगों को जोड़कर अभियान को सफल बनाया जाएगा। अमृत शहरों में 100 प्रतिशत सीवरेज व सेप्टेज प्रबंधन प्रदान करना है। यह भी इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। अभियान में विभाग के साथ जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की टीम की ओर से आईईसी गतिविधियों के माध्यम से हर जन तक पहुंचकर उन्हें अभियान से जोड़ा जाएगा।
सभी से ली जाएगी मदद
आईईसी की गतिविधियों में मशहूर हस्तियां, ब्रांड एंबेसडर के साथ सभी प्रकार के जनप्रतिनिधि, वार्ड समितियां, वरिष्ठ नागरिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी, महिलाएं, स्वयं सहायता समूह, गैर सरकारी संगठन, सामाजिक संस्थाएं, स्कूली विद्यार्थी, युवाओं को शामिल किया जाएगा।
स्कूल में यह गतिविधियां होंगी
स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक बैठक, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण, विश्व जल दिवस पर कार्यक्रम, बारिश के पानी को सहेजना, नल पर टोंटी लगाने के साथ ही अन्य गतिविधियां चलेंगी।
यह अभियान अमृत 2.0 के तहत चलाया जाना है। इस कार्यक्रम में अभियान चलाकर स्कूली विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाएगा। इनके साथ और भी लोगों को जोड़कर अभियान को सफल बनाया जाएगा।
योगेंद्र परमार, जिला सलाहकार, स्वच्छता व जल संरक्षण