संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले को हाथ से मैला ढोने वालों से मुक्त घोषित किया गया है। वर्ष 2024-25 के दौरान हाथ से मैला ढोने वालों की पहचान के लिए कराए गए सर्वेक्षण में जिले में ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया।
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की ओर से यदि मैनुअल स्कैवेंजिंग यानी हाथ से मैला ढोने का कार्य किया जा रहा है, तो वह 3 जुलाई तक किसी भी कार्य दिवस में जिला परिषद स्थित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) शाखा के कार्यालय में उपस्थित होकर अपने दस्तावेजों सहित स्वयं घोषणा पत्र जमा कर सकता है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति का पंजीकरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल ऐसे लोगों की पहचान करना नहीं, बल्कि इस अमानवीय प्रथा का पूर्ण उन्मूलन करना और प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाना है। पंजीकृत व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता और पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
एडीसी राहुल मोदी ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में हाथ से मैला ढोने का कार्य होता दिखाई दे या ऐसी कोई जानकारी हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।