रेवाड़ी। बुढ़ापा पेंशन बंद किए जाने पर एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने कड़ी निंदा की है। पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि पति-पत्नी की सालाना आय तीन लाख रुपये की शर्त लगाकर सरकार ने हजारों बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी है। उन्होंने परिवार पहचान पत्र में गलत आय दर्ज होने और किसान की वास्तविक आय न जोड़े जाने को अन्यायपूर्ण बताया। पार्टी ने मांग की है कि शर्त तुरंत हटाई जाए, बंद पेंशन चालू की जाए और पेंशन राशि बढ़ाई जाए।