रेवाड़ी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली मिशन बुनियाद की दूसरे चरण की प्रवेश परीक्षा में बड़ा बदलाव किया गया है। निदेशालय ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में परिवर्तन किया है। इसके तहत बुनियाद की दूसरे चरण की परीक्षा में अब वैकल्पिक (ऑब्जेक्टिव) की जगह सब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे।
मिशन बुनियाद की दूसरे चरण की परीक्षा में अब विद्यार्थियों को पूरे प्रश्नपत्र को हल करना होगा। प्रश्नों के विकल्प नहीं दिए जाएंगे। इस बार परीक्षा में केवल गणित विषय के प्रश्न शामिल होंगे। परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी। इसके लिए विद्यार्थियों को 75 मिनट का समय दिया जाएगा।
हाल ही में जिले में मिशन बुनियाद लेवल-एक की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। परीक्षा में कुल 2256 विद्यार्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से 927 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है।
लेवल-1 की परीक्षा में सफल रहे विद्यार्थी अब 30 जनवरी को आयोजित होने वाली बुनियाद लेवल-2 की परीक्षा में भाग लेंगे। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थी दूसरे चरण की परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं।
विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर एक घंटा पहले पहुंचना होगा
विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर एक घंटा पहले पहुंचना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एडमिट कार्ड के साथ आधार कार्ड भी लेकर जाना जरूरी होगा। परीक्षा में होने वाले बदलावों की जानकारी विद्यार्थियों को दी जा रही है। विशाल सिंघल ने कहा कि ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्रों में अक्सर विद्यार्थी तुक्केबाजी करते थे और जल्दबाजी करते थे जिससे उनके प्रदर्शन पर नकारात्मक असर पड़ता था। सब्जेक्टिव परीक्षा से विद्यार्थियों की विषय पर पकड़ मजबूत होगी और उनके प्रदर्शन में सुधार आएगा। मिशन बुनियाद में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में यह बदलाव किया गया है।
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परीक्षा का शेड्यूल
द्वितीय चरण की परीक्षा 30 जनवरी
परीक्षा का परिणाम 25 फरवरी
तृतीय चरण की परीक्षा 3 अप्रैल
परीक्षा का परिणाम 5 मई
दाखिले के लिए काउंसिलिंग 7 मई
नया बैच प्रारंभ 15 मई
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वर्जन
मिशन बुनियाद की लेवल-2 परीक्षा में इस बार प्रश्नपत्र का स्वरूप बदला गया है। अब परीक्षा में ऑब्जेक्टिव नहीं बल्कि सब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों की विषय पर समझ मजबूत होगी। इस बदलाव से तुक्केबाजी की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार होगा।-रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, शिक्षा विभाग।