फोटो : 04रेवाड़ी। एक सरकारी स्कूल में भोजन करते विद्यार्थी। संवाद
रेवाड़ी। सर्दी के मौसम में विद्यार्थियों में पोषण की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से मिड-डे मील में रागी व बाजरे की रोटी, गुलगुले बनाकर दिए जाएंगे। बाजरे व रागी की काफी गर्म होती है, इसके साथ ही वह पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक भी होता है। सर्दी के मौसम में विद्यार्थियों को मिलने वाले बाजरे व रागी से बने स्वादिष्ट व्यंजन विद्यार्थियों को गर्मी प्रदान करेंगे। आगामी दिसंबर माह से विद्यार्थियों को मोटे अनाज से बनने वाले व्यंजन परोसे जाने लगेगा। मोटा अनाज बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद हैं। बता दें कि राजकीय विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। जिले के 638 विद्यालयों में 30 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलता है।
साप्ताहिक होता है खाने का प्लान
गौरतलब है कि विद्यालयों में मध्याह्न का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके तहत विद्यार्थियों को सप्ताह के सभी दिन अलग-अलग भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसमें रोटी-सब्जी, कढ़ी चावल, दलिया, खिचड़ी शामिल हैं। मीठे में आटे के गुलगुले और खीर दी जाती है। अब मिड-डे मील में मोटे अनाज को शामिल किया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों को रागी, बाजरे, मक्के की रोटी व इससे बनने वाले अन्य खाद्य सामान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसे लेकर सभी प्रकार की कार्रवाई भी पूरी की जाती है, ताकि विद्यार्थियों का पढ़ाई के साथ ही उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहें।
काफी देर तक भूख नहीं लगती
फाइबर और पोटेशियम से भरपूर बाजरा एक ऐसा आटा है, जिसका सेवन खासतौर पर सर्दियों में ही किया जाता है। बाजरे में ओमेगा-3 और आयरन की भरपूर मात्रा है। इन दिनों न सिर्फ इस आटे की रोटियां बनाई जा सकती है। बल्कि उतपम, दलिया और खिचड़ी भी बनाकर खाई जा सकती है। इससे पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है। साथ ही बाजरा खाने से शरीर में भरपूर एनर्जी भी बनी रहती है। यह वजन घटाने के लिए लाभदायक है, क्योंकि बाजरा खाने से काफी देर तक भूख नहीं लगती है।
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वर्जन
सर्दियों में मिड-डे मील के तहत बच्चों को दिए जाने वाले खाने में शिक्षा निदेशालय की ओर से आदेश के बाद शेड्यूल में परिवर्तन किया जाएगा। मौसम को देखते हुए विद्यार्थियों को मोटा अनाज परोसा जाएगा। इससे बच्चों में पोषणता की मात्रा में वृद्धि होने के साथ ही उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।
-अली अहमद, जिला प्रभारी मिड-डे मील