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परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगा धरने पर बैठे विद्यार्थी

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इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं। संवाद - फोटो : Rewari
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दक्षिण हरियाणा की सबसे बड़े विश्वविद्यालय इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी के प्रशासन निरंतर गड़बड़ी कर रहे हैं। हर सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर फेल कर रहे हैं, जिसकी वजह से विद्यार्थी इधर-उधर चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। यह आरोप छात्र नेता सौरभ यादव ने लगाया। इसको लेकर यूनिवर्सिटी में छात्रों ने आंदोलन छेड़ रखा है। छात्रों का धरना सुबह से ही खबर लिखे जाने तक जारी रहा। छात्रों ने कहा, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती धरना जारी रहेगा। धरनास्थल पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है।
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उन्होंने कहा कि आज जहां कोरोना काल में हर कोई छात्र हितों के लिए कार्य कर रहा है, वही आईजीयू प्रशासन उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। हाल ही में जारी हुए सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों में बड़े स्तर गड़बड़ी की गई है। विद्यार्थियों ने गड़बड़ी से अवगत कराया तो विवि प्रशासन ने आनन-फानन में अंग्रेजी विषय के विद्यार्थियों को 5 नंबर ग्रेस मार्क्स देने का नोटिस जारी कर दिया। यह पांच नंबर भी देने में गड़बड़ी की गई। किसी को पांच तो किसी को दस नंबर ग्रेस मार्क्स दिया गया। कल जब छठे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम आए तो उसमें पूरी की पूरी क्लास को अवेटेड दिखाया गया है।
अहीर महाविद्यालय में बीएससी मेडिकल के छात्रों को केमिस्ट्री के पेपर में फेल कर दिया गया है। ऐसे ही पीजी नारनौल महाविद्यालय में एमए राजनीति विज्ञान में विद्यार्थियों को तीसरे सेमेस्टर में कम्यूनिकेशन स्किल में फेल कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी एक साल में रिजल्ट जारी करती है और उसमें ही बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है।
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सौरभ यादव ने कहा की हॉस्टल की फीस प्रतिमाह की दर से ली जाए व छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को भी स्पेशल चांस दिया जाए। इस मौके पर सौरव यादव नारनौल, नितेश यादव, अंजली, प्रीति, विशाल राव, दीपक यादव, चिंकी, हर्षा, काजल राजपूत आदि विद्यार्थी उपस्थित रहें।
सभी को पास कर दिया जाए यह संभव नहीं : रजिस्ट्रार
आंदोलनकारी छात्र चाहते हैं कि जिनके नंबर कम आए हैं उन सभी को पास कर दिया जाए, यह संभव नहीं है। छात्र ग्रेस मार्क्स मांग रहे हैं जिसे दिया नहीं जा सकता। कम नंबर मिलने की जांच कराई गई तो ऐसा नहीं निकला की नंबर कम दिया गया है। जिसको जितना नंबर मिलना चाहिए था उतना दिया गया है। प्रमोद भारद्वाज, रजिस्ट्रार, इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी
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