रेवाड़ी। जिले में बुधवार को पांच केंद्रों पर खंडस्तरीय आरएसबीवीपी-2026 विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी का विषय ‘सतत व विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार’ था। इसमें विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), पर्यावरण संरक्षण, गणितीय मॉडलिंग एवं कंप्यूटेशनल थिंकिंग, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, स्वदेशी कृषि पद्धति, विज्ञान से सामाजिक परिवर्तन और आपदा प्रबंधन पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किए।
प्रदर्शनी में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सरकारी एवं निजी विद्यालयों के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विद्यार्थियों ने अपने मॉडल के माध्यम से दैनिक जीवन की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत, कृषि में तकनीक के उपयोग और आपदा के समय प्रभावी प्रबंधन की जानकारी दी।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और नवाचार को भी परखा गया। प्रत्येक खंड से 21 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तर की प्रदर्शनी के लिए किया गया है। अब जल्द ही जिला स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें खंड स्तर पर चयनित विद्यार्थी अपने मॉडल प्रस्तुत करेंगे।
जिले के पांचों खंडों में विज्ञान प्रदर्शनी के लिए अलग-अलग विद्यालय केंद्र बनाए गए थे। रेवाड़ी खंड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मसानी, बावल खंड में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल, जाटूसाना खंड में पीएमएस राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहरावास केंद्र बनाया गया था।
इसके अलावा खोल खंड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीहा और नाहड़ खंड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झारोदा केंद्र में प्रदर्शनी आयोजित की गई। इन केंद्रों पर विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए।
वर्जन :
जिले में बुधवार को पांच केंद्रों पर खंड स्तरीय आरएसबीवीपी 2026 विज्ञान प्रदर्शनी लगाई गई। अब जल्द ही जिलास्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसमें खंड स्तर पर चयनित विद्यार्थी अपने मॉडल प्रस्तुत करेंगे।-रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ
विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मॉडल देखते शिक्षक और अन्य विद्यार्थी