नगर पालिका संघ के आह्वान पर मंगलवार से बुलाई गई तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को सेक्टरों में तो सफाई हुई, लेनिक कॉलोनियों व बाजारों में कर्मचारी नहीं पहुंचे। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को शहर में सफाई हुई थी। ऐसे में दूसरे दिन कर्मचारियों हड़ताल पर जाने से कुछ ज्यादा असर नहीं पड़ा। वीरवार तक चलने वाली हड़ताल यदि बेमियादी होती है तो आने वाले दिनों में शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बुधवार सुबह के समय नगर परिषद रेवाड़ी के मुख्य द्वार पर सफाई कर्मचारियों ने धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इकाई प्रधान महेंद्र कुमार चावरिया ने की। मंच संचालन कोषाध्यक्ष पूर्णचंद पिहवाल ने किया। प्रधान महेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों से अवगत होने के बावजूद भी 24 मई के समझौते के अनुसार सरकार ने जिन मांगों को माना था, उन्हें भी पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों की मांग है कि ठेका प्रथा बंद की जाए। कर्मचारियों की दावा है कि रेवाड़ी के 31 वार्ड में लगे सभी करीब 450 स्थाई व अस्थाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
-ठेके पर लगे 65 कर्मचारियों के सहारे रही व्यवस्था
रेवाड़ी नगर परिषद में सीधे स्थाई व अस्थाई करीब 450 सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। इसके अलावा शहर के सेक्टर-1, 3 व 4 में नप की ओर से ठेका दिया हुआ है। यहां पर 65 कर्मचारियों के काम करने का दावा किया जाता है। हड़ताल के दूसरे दिन सेक्टरों में लगे सफाई कर्मचारी ही मुख्य स्थानों पर कचरा उठाने से लेकर सड़कों की सफाई कर रहे हैं।
धारूहेड़ा-बावल में हड़ताल का असर
रेवाड़ी के अलावा धारूहेड़ा व बावल नगर पालिका कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। यहां पर मंगलवार से ही कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं। मंगलवार को भी नपा अधिकारियों ने ठेके पर लगे कर्मियों को बुलाकर जेसीबी के माध्यम से कचरे को उठवाया था। ऐसा ही हाल बुधवार को रहा। इधर, जिला प्रधान ईश्वर सिंह बोडवाल ने कहा कि ठेकेदार द्वारा किए गए 200 करोड़ रुपये के घोटाले की विजिलेंस से जांच होनी चाहिए। सभी कर्मचारियों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट देने के साथ-साथ फायर आपरेटरों के 1046 पदों पर की जाने वाली भर्ती को भी रद्द करने, ट्यूबवेल चालकों को तृतीय श्रेणी का वेतनमान देने आदि मांगों से कर्मचारियों को अवगत कराया।
-ये कर्मचारी रहे मौजूद
हड़ताल को अपना समर्थन देते हुए सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान धनराज ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता को छोड़कर नगर पालिका कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से बात करके उनकी जायज मांगों को पूरा करे। इस अवसर पर ताराचंद, विजय प्रकाश, अजीत कुमार, सुरेश, पूर्व प्रधान राधेचरण, किरोड़ीलाल, नरेश यादव, राजेन्द्र, त्रिलोक बागड़ी, संजय भटसाना व टिंकुराम आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।