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Rewari News: खुली मंडी में आवारा पशु पहुंचा रहे फसल को नुकसान, टीन शेड के नीचे अतिक्रमण

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मंडी के बीचोंबीच टूटी सड़क पर जमा गंदा पानी। संवाद
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रेवाड़ी। बिना चाहरदीवारी अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं के चलते किसान और व्यापारी दोनों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। मंडी चारों ओर से खुली होने के कारण दिनभर बेसहारा पशु यहां घूमते रहते हैं और किसानों की ढेरियों में मुंह मारते हैं। इससे किसानों को अपनी फसल की निगरानी करनी पड़ती है। वहीं मार्केट कमेटी में स्वीकृत चौकीदारों के चारों पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। सरकारी खरीद का सीजन नजदीक है लेकिन मंडी में अभी तक व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त नहीं हुई हैं। मंडी के बीचोंबीच बनी पेयजल की टंकी से टोटियां तक गायब हैं।
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मंडी में टीन शेड के नीचे व्यापारियों की ओर से किए गए अतिक्रमण के कारण भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार शेड का उपयोग फसल रखने और अन्य कार्यों के लिए होना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर सामान और अन्य सामग्री रखे जाने से जगह कम पड़ रही है। जिम्मेदार अधिकारी कई बार स्थिति सुधारने की बात कह चुके हैं, लेकिन अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हट पाया है। इसके अलावा मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कचरा उठाने की व्यवस्था नियमित नहीं होने से दुर्गंध और गंदगी के कारण किसानों और व्यापारियों को परेशानी होती है।

गांव सीहा निवासी किसान बनवारी, बावल निवासी रामस्वरूप, नांगल मुंदी निवासी राजेंद्र ने बताया कि बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने के बाद मंडी में भीड़ और आवक बढ़ेगी, ऐसे में मौजूदा अव्यवस्थाएं और बड़ी समस्या बन सकती हैं। पेयजल और शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से परेशानी बढ़ सकती है। एक अक्तूबर से सरकारी खरीद शुरू होने की संभावना है। ऐसे में मंडी में सफाई, पशुओं की रोकथाम, अतिक्रमण हटाने और किसानों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने की व्यवस्था समय रहते की जानी चाहिए। किसानों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मंडी का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की मांग की है।
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मंडी से दिनभर घूमता है 50 से अधिक बेसहारा गोवंश
मंडी के चारों ओर मुख्य गेट पर चौकीदारों की तैनाती नहीं होने से बेसहारा पशुओं से उपज की या तो किसान और व्यापारियों को ही निगरानी रखनी पड़ती है। मंडी के बीच में अनेक स्थानों पर गंदा पानी भी बीच सड़क पर जमा है। बीच के लिंक मार्गों को डस्टबीन के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में सरकारी खरीद शुरू होने के बाद किसानों, व्यापारियों की परेशानी बढ़ सकती है।

वर्जन:
सरकारी खरीद को लेकर अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं। समय रहते मंडी में साफ-सफाई सहित किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बेसहारा पशुओं से निगरानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्रता से ही कराई जाएगी। टीनशैड या फड़ों से अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापारियों से बातचीत हो चुकी है जल्द ही हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

- नरेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी रेवाड़ी।

मंडी के बीचोंबीच टूटी सड़क पर जमा गंदा पानी। संवाद

मंडी के बीचोंबीच टूटी सड़क पर जमा गंदा पानी। संवाद

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