संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। महेंद्रगढ़ की कनीना मंडी से रेवाड़ी वेयर हाउस में पहुंचे एक ट्रक की जांच में नकली सरसों का भंडाफोड़ हुआ है। ट्रक में सरसों के करीब 964 बैग बताए जा रहे हैं। नकली सरसों का शक होने पर वेयरहाउस में भंडारण रोक दिया गया और सरसों के सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है।
कनीना से रेवाड़ी वेयरहाउस पहुंचे ट्रक में करीब 31 लाख की सरसों थी। सरसों के बैग पर किसान सेवा केंद्र कनीना का टैग लगा था, लेकिन जांच में पता चला कि सरसों के दाने असल में मिट्टी से बनाए गए थे। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी मिली गत से सरकार को चूना लगाया जा रहा है, क्योंकि सरकार की ओर से सरसों की सरकारी खरीद के बाद पैसे किसानों के खाते में डाल दिया जाते हैं।
जांच में सामने आया कि नकली सरसों के दाने मिट्टी और रसायनों के मिश्रण से बनाए जाते हैं, जिनमें तेल की मात्रा भी लैब टेस्ट में सही दिखाई देती है। यह तकनीक इतनी उन्नत है कि बिना पानी में डालकर जांचे, इनकी असलियत पकड़ना मुश्किल है। राजस्थान और हरियाणा की मंडियों में हाल के महीनों में नकली सरसों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
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पानी में डालते ही सरसों के दाने घुल गए
मौके पर मौजूद वेयरहाउस सुपरवाइजर संदीप कुमार ने बताया कि सरसों के दानों पर शक होने पर उन्होंने कुछ दाने पानी में डाले। पानी में डालते ही सरसों के दाने घुल गए और मिट्टी में बदल गए। ये दाने मिट्टी से बनाए गए थे और इनकी बनावट इतनी सटीक थी कि पहली नजर में इन्हें असली सरसों से अलग करना मुश्किल था। लैब में जांच होने के बाद अहम खुलासे हो सकते हैं। नकली सरसों को हाथ पर मलने पर वह काला हो जाता है।