मलेरिया के बाद अब डेंगू बुखार ने भी जिले में पैर पसारना शुरू कर दिया है। डेंगू के मरीजों की संख्या रविवार तक बढ़कर तीन हो गई है। तीनों ही मरीज धारूहेड़ा क्षेत्र से हैं। हालांकि इनमें एक मरीज अंबाला का रहने वाला है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जहां ये मरीज मिले हैं, वहां फॉगिंग करा दी गई है।
डेंगू फीवर सामान्यतया जून-जुलाई माह में ज्यादा होता है और बारिश का मौसम खत्म होने के बाद ऐसी जगहों पर मिलता है जहां गंदा पानी भरा रहता है। इन क्षेत्रों में डेंगू फैलने का अंदेशा अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा होता है। इस बार डेंगू के जो केस मिले हैं वे सभी धारूहेड़ा क्षेत्र से ही आए हैं।
विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार नंदरामपुर-बास की ढाणी में डेंगू का सबसे पहला केस मिला था। दो अन्य मरीजों में निरंजन कॉलोनी निवासी चक्रवर्ती सिंह और कस्बे के सेक्टर-6 में रह रहे अंबाला निवासी दलविंदर सिंह शामिल हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष जनवरी से लेकर दिसंबर तक डेंगू के 5 कन्फर्म और 30 सस्पैक्टेड मरीज मिले थे।
- मलेरिया के भी अब तक 19 केस
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मलेरिया के अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 19 मरीज आए हैं। इसके अलावा पिछले वर्ष कुल 53 मरीज आए थे।
डेंगू के लक्षण
- तीव्र बुखार, उल्टियां आना एवं जी मिचलाना
- सिर के अगले भाग और आंखों के पिछले भाग में तेज दर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- शरीर पर खसरे जैसे दानों का निकलना
डेंगू बुखार से ऐसें बचें
- मच्छरों से बचाव ही बेहतर विकल्प
- घरों के आसपास पानी खड़ा न होने दें
- मच्छरदानी का प्रयोग करें
- पानी की टंकी और गमलों आदि का पानी सात दिन में जरूर बदल दें
- रोगी के खून की तुरंत जांच कराएं