रेवाड़ी। खेल विभाग की ओर से संचालित खेल नर्सरियां 31 जनवरी यानी शुक्रवार से बंद हो जाएंगी।
नर्सरियों में अधिकतर खिलाड़ियों को खुराक भत्ता व प्रशिक्षकों को मानदेय नहीं मिला है। अब दो माह तक खेल नर्सरियां बंद रहेंगी। अप्रैल में दोबारा से खेल नर्सरियां शुरू होंगी। ऐसे में खिलाड़ी जहां वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियों में व्यस्त रहेंगे वहीं प्रशिक्षक अप्रैल में नर्सरियां आरंभ होने का इंतजार करेंगे। प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों को कुछ ना मिलने के कारण काफी नाराजगी है। 31 मार्च तक वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले भुगतान होने की उम्मीद अब कम ही नजर आ रही है। मुख्यालय से सीधे बैंक खाते में राशि डाली जाती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर न तो अधिकारी और जिला प्रशासन इस पर कुछ कहने की स्थिति में हैं। रेवाड़ी में सरकारी और निजी खेल नर्सरियों सहित कुल 78 नर्सरियों में आठ से 19 साल तक के 1954 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
इन खेलों की होती हैं नर्सरियां संचालित
जिले में आर्चरी की एक मिक्स, एथलेटिक्स में 5 मिक्स, बैडमिंटन एक मिक्स, बास्केटबॉल 3 बॉयज, एक मिक्स, बॉक्सिंग 5 मिक्स, फुटबॉल 3 बॉयज, एक गर्ल्स, हैंडबॉल 5 बॉयज, 1 गर्ल्स, 1 मिक्स, हॉकी में 4 बॉयज व 1 मिक्स, कबड्डी में 5 बॉयज व 1 मिक्स, नेटबॉल में 1 गर्ल्स, शूटिंग में 5 मिक्स, 1 बॉयज, टेबल टेनिस में 2 मिक्स, वालीबॉल में 4 बॉयज, 1 मिक्स व 1 गर्ल्स, कुश्ती में 6 मिक्स, 1 बॉयज और वुशु में 1 मिक्स नर्सरियां संचालित होती हैं।
खेल नर्सरी में दी जाने वाली डाइट राशि
खेल नर्सरी में चयनित 8 से 14 साल के खिलाड़ियों का 1500 रुपये प्रति माह व 15 से 19 साल के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। वहीं, प्रशिक्षकों को 20 से 25 हजार रुपये तक का मानदेय प्रदान किया जाता है। खेल नर्सरी में डिप्लोमा एनआईएस पटियाला करने वाले कोच और एमपीईडी या डीपीईडी या एमए कोचिंग में एनआईएस सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले कोच को अलग-अलग मानदेय मिलता है।
इस वजह से की गई थी खेल नर्सरियों की शुरुआत
खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरी शुरू करने का मुख्य उद्देश्य हरियाणा राज्य के विद्यार्थियों एवं युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाना है। इसके साथ ही उन सभी को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना है। सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध ढांचे एवं सुविधाओं को ओर बेहतर बनाकर जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार किया जाना है। डाइट राशि प्राप्त करने के लिए खिलाड़ियों को महीने में कम से कम 22 दिनों के लिए खेल नर्सरी में कोचिंग स्तर पर उपस्थित होना पड़ता है।
जो भी राशि आती है, वह सीधा खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों के अकाउंट में आती है। यह राशि मुख्यालय की तरफ से अकाउंट में सीधे भेजी जाती है। पैसे भेजने का कार्य जिला स्तर पर नहीं होता है। - ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी