नई अनाज मंडी की दुकान पर विभिन्न मसाले। संवाद
रेवाड़ी। ट्रांसपोर्ट खर्च में वृद्धि के कारण मसालों की कीमतें बढ़ी हैं जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। उत्पादन घटने, आपूर्ति सीमित रहने और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से धनिया, लाल मिर्च, हल्दी और जावित्री आदि मसालों के दाम 10 से 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। थोक बाजार की तेजी का असर खुदरा बाजार में दिखने लगा है।
बाजार में पिसा धनिया 240 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 280 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। लाल मिर्च 360 रुपये से बढ़कर 400 रुपये, हल्दी 220 रुपये से बढ़कर 280 रुपये प्रति किलो हो गई है। गरम मसाले में उपयोग होने वाली जावित्री के भाव 2 हजार रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2,500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
अन्य मसालों की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि बाहर के राज्यों और विदेश से आने वाले मसालों की ढुलाई लागत बढ़ने के कारण कीमतों में इजाफा हुआ है। कई मसालों की सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना दिया है। इसका असर सीधे तौर पर खुदरा बाजार और उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
थोक बाजार में तेजी, ग्राहक कम कर रहे खरीदारी
नई अनाज मंडी स्थित मसाला विक्रेता मोहित गुप्ता ने बताया कि मसाला उत्पादक क्षेत्रों में फसल कम होने और मांग बढ़ने का असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। थोक बाजार में लगातार रेट बढ़ रहे हैं। इसके चलते खुदरा बाजार में दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। दुकानदार जितेंद्र ने कहा कि पहले ग्राहक एक से दो किलो मसाले खरीद लेते थे लेकिन अब अधिकांश लोग आधा किलो या 250 ग्राम खरीदकर ही काम चला रहे हैं। सबसे अधिक असर गरम मसाले और लाल मिर्च की बिक्री पर देखने को मिल रहा है।
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