यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन करते सामाजिक संगठन। संवाद
बावल। यूजीसी के समर्थन में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के बैनर तले विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान भीम आर्मी, मूलनिवासी संघ और ओबीसी संगठन के सदस्य पार्टी के जिला कार्यालय के पास एकत्रित हुए। यहां से यूजीसी के समर्थन में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि दलित और पिछड़े के लोगों को लगातार दबाया जा रहा है। उन्होंने यूजीसी बिल लाने पर सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश की बहुसंख्यक आबादी को उनके अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता। संविधान द्वारा दिया गया आरक्षण भी कई स्तरों पर सही तरीके से लागू नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के 19 जिलों में उपायुक्तों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि एससी और ओबीसी वर्ग देश के मूलनिवासी हैं और उन्हें जनसंख्या के अनुपात में अधिकार मिलना चाहिए, ताकि सामाजिक समानता कायम रह सके। चयन, पदोन्नति और तबादलों में भेदभाव रोकने के लिए यूजीसी लागू किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को कई बार एनएफएस लिखकर उच्च शिक्षा से वंचित किया जाता है। साथ ही दस सदस्यीय समितियों में सभी वर्गों की बराबर भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई।
उन्होंने लोकसभा में प्रस्तुत आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दलित और पिछड़े वर्गों की भागीदारी अभी भी बहुत कम है।
उपायुक्त कार्यालय तक प्रदर्शन करते हुए पहुंचे संगठनों के प्रतिनिधियों ने नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम में ईश्वर सिंह, मनमोहित कुमार, लेखराम मेहरा, लालचंद, मास्टर सतीश गोहाना, प्रीतम सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।