रेवाड़ी। मीरपुर के इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) के विधि विभाग की ओर से विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन व आज के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए ''धर्मगुरुओं पर अंधविश्वास तथा कानून'' विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से प्रो. रितू गुप्ता रहीं।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि श्रद्धा और भक्ति में बड़ा मामूली अंतर है। कभी-कभी तो यह लगता है कि दोनों आपस में दूध-पानी की तरह इस प्रकार घुल गए हैं कि उन्हें अलग से पहचानना कठिन है। कहते हैं श्रद्धा श्रेष्ठ के प्रति होती है और भक्ति आराध्य के प्रति, किंतु देखा जाए तो दोनों में अति सूक्ष्म अंतर होते हुए भी अर्थ और भाव की दृष्टि से काफी असमानता है। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बिजेंद्र सिंह ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साथ ही सभी विद्यार्थियों का कार्यक्रम में योगदान के लिए धन्यवाद करते हुए उनको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विधि विभाग के सभी शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।