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Rewari News: जय सिंह की हत्या के आरोपियों को भगाने में छह लोगों ने की मदद

Tue, 03 Sep 2024 05:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। मृतक जय सिंह
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। राजस्थान के भिवाड़ी में रेवाड़ी के सराफा व्यापारी जय सिंह की हत्या में बदमाशों के बड़े नेटवर्क के शामिल होने की बात सामने आई है।भिवाड़ी पुलिस को पता चला है कि घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को बहादुरगढ़ के भापड़ोदा से फरार कराने में छह लोगों ने न सिर्फ मदद की बल्कि रुपये भी दिए।
आरोपियों को संरक्षण देने वालों की तलाश में भिवाड़ी पुलिस की 12 टीमें लगी हैं। रविवार की सुबह करीब 30 पुलिसकर्मियों ने रेवाड़ी से सटे एक गांव में दबिश दी थी। हालांकि, बदमाश चकमा देकर भाग निकले। पुलिस भापड़ोदा गांव के 4-5 संदिग्ध बदमाशों को पकड़कर पूछताछ कर रही है। पुलिस को पता चला है कि वारदात की योजना बनाने वाला टिंकू जाट था, जिस पर झज्जर के आसौदा थाने में हत्या, लूट और मारपीट के 6 केस दर्ज हैं। टिंकू अपने गांव की चौकी पर तैनात एक कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या करने के मामले में 5 वर्ष जेल की सजा काट चुका है। इसके बाद वह हरियाणा के गैंगस्टरों के संपर्क में आया था। करीब वर्ष भर पहले जेल से छूटने के बाद उसने अपनी गैंग बनाना शुरू किया था। महंगे शौक रखने वाले टिंकू ने शराब पार्टियों पर रुपये खर्च कर लड़कों को गैंग से जोड़ा। भिवाड़ी की वारदात के लिए सबसे पहले भापड़ोदा का पिंटू साथ आया था। वह पहले शराब तस्करी करता था और आर्म्स, एक्साइज और मारपीट के आधा दर्जन मामलों में आरोपी है।
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पता चला है कि तस्करी के दौरान ही पिंटू दिल्ली में चालक का काम करने वाले अनिल से मिला था। उधर, टिंकू ने अजय कादयान को गैंग में मिलाया। अजय कादयान पर पहले कोई मामला दर्ज नहीं था लेकिन उसका चचेरा भाई हत्या के प्रयास में नोएडा जेल में बंद है। वह भी बदमाश बनना चाहता था। इसीलिए गैंग से जुड़ गया। वारदात में शामिल बदमाशों की पहली टीम में टिंकू, पिंटू और अनिल शामिल थे। दूसरी टीम अजय कादयान के नेतृत्व में बनी जिसमें अजय उर्फ गोलू, प्रीत उर्फ गोलू और अतुल राठी शामिल थे। अनिल आश्वस्त था कि लूट में बहुत सारा माल मिल सकता है। इसीलिए कार खुली छोड़कर अंदर घुसे थे लेकिन ज्वेलर जय सिंह के भाई मधुसूदन के पहुंचने पर सभी बदमाश घबरा गए और फायरिंग कर उन्हें भागना पड़ा था।

गोली लगने से घायल गार्ड का हुआ ऑपरेशन

शोरूम पर गोली लगने से घायल गार्ड अजान सिंह को शनिवार को दिल्ली एम्स से छुट्टी मिल गई। फूलबाग थाना पुलिस गार्ड को लेकर शनिवार को भिवाड़ी जिला अस्पताल आई, जहां पर उसका मेडिकल करवाया गया। अजान सिंह के दामाद अरविंद ने बताया कि रीढ़ की हड्डी से गोली निकालने का बड़ा ऑपरेशन हुआ है। रिकवरी में समय लगेगा। यूपी निवासी अजान सिंह के दो विवाहित बेटियां हैं। दो छोटे बेटे हैं। वह अकेले कमाने वाले हैं। परिवार की आर्थिक स्थति ठीक नहीं है। मामले में अभी तक दो बदमाशों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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23 अगस्त की शाम हुई थी वारदात

भिवाड़ी सेंट्रल मार्केट में 23 अगस्त की रात साढ़े 7 बजे कमलेश ज्वेलर्स में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। 5 बदमाशों ने शोरूम मालिक रेवाड़ी के कंकरवाल निवासी जय सिंह, उसके भाई मधुसूदन, बेटे वैभव से मारपीट की थी। विरोध करने पर जयसिंह और मधुसूदन को गोली मार दी थी। दो गोली लगने से इलाज के दौरान जय सिंह की मौत हो गई थी। जय सिंह दो दशक से भिवाड़ी में ज्वेलरी की दुकान चला रहे थे।
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