रेवाड़ी। कैथल व जींद के व्यापारियों को स्क्रैप व पुरानी गाड़ी दिलाने का झांसा देकर कालूवास गांव के पास बन रहे अंडरपास के समीप बुलाकर 20 लाख रुपये व कार लूटने के 6 आरोपियों को पुलिस ने काबू कर लिया है। वारदात के दो दिन बाद सीआईए रेवाड़ी की टीम ने इन 6 आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों की पहचान गांव बिरही कलां निवासी रविन्द्र उर्फ राजबीर, शेरपुर निवासी अक्षय, देवेश व मोतला कलां निवासी योगेश, दड़ौली निवासी निखिल व प्रवीन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से 11 लाख से ज्यादा की नकदी व ऑल्टो कार बरामद कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार कैथल के गांव नंदकरण माजरा निवासी सूरज स्क्रैप का व्यापारी है। उसकी पहचान बिरही कलां निवासी राजबीर उर्फ रविंद्र से थी। राजबीर स्क्रैप खरीदने व बिकवाने का कार्य करता है। दोनों के बीच राजस्थान के भिवाड़ी से पुरानी गाड़ी खरीदने का सौदा तय हो गया था। तय कार्यक्रम के मुताबिक 9 फरवरी को सूरज, जींद जिले के गांव शामदो निवासी अशोक, कैथल निवासी सुभाष, पवन व बंटी को साथ लेकर ऑल्टो कार में सवार होकर स्क्रैप खरीदने के लिए भिवाड़ी पहुंचे थे।
पहले भिवाड़ी में दिर्खाईं पुरानी गाड़ियां
राजबीर ने पहले उन्हें भिवाड़ी में कुछ पुरानी गाड़ियां दिखाई और फिर धारूहेड़ा पहुंचा। इससे पहले धारूहेड़ा में ही राजबीर ने अपने साले के साथ मिलकर उन्हें लूटने की साजिश रच दी। स्क्रैप व्यापारी अपनी गाड़ी में 20 लाख की नकदी लेकर आए थे। राजबीर उनकी गाड़ी में बैठकर रेवाड़ी तक पहुंचा और फिर साजिश के तहत स्क्रैप की गाड़ियां दिखाने की बात कहकर गांव कालूवास के पास रात के समय पहुंचा। यहां पहले से एक बाइक पर लड़का खड़ा हुआ था जो रास्ता दिखाने के बहाने उन्हें कालूवास से गोकलगढ़ जाने वाले रास्ते पर बन रहे अंडरपास के पास ले गया। यहां कुछ बदमाश खड़े हुए थे, उन्होंने पांचों लोगों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान आरोपी उनकी आल्टो कार और उसमें रखी 20 लाख की नकदी लूट कर फरार हो गए थे।
लूट की सूचना पर मचा हड़कंप
व्यापारियों से लूटपाट की सूचना के बाद शहर में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार को सीआईए रेवाड़ी ने मामले की कड़ी जोड़ते हुए एक दिन बाद ही वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को काबू कर गाड़ी व कुछ नकदी बरामद कर ली।
17 गाड़ी मिलने के झांसे में फंसे व्यापारी
जींद निवासी अशोक और कैथल निवासी सूरज स्क्रैप खरीदने का काम करते हैं। करीब एक माह पहले अनजान तरीके से उनकी मुलाकात दलाली का काम करने वाले गांव बिरही कलां निवासी रविन्द्र उर्फ राजबीर से हुई थी। उस समय रविन्द्र ने बहुत कम कमीशन पर ही उन्हें कबाड़ के रूप में एक ट्रक दिलाकर उनका विश्वास जीत लिया था। उसके बाद दलाल राजबीर स्क्रैप व्यापारी सूरज के साथ लगातार संपर्क में रहा। चार दिन पहले राजबीर ने सूरज को फोन कर बताया था कि 17 बड़ी गाड़ियां भिवाड़ी और कुछ रेवाड़ी में हैं। गाड़ियों पर फाइनेंस कंपनी का कुछ पैसा बकाया है। उस पैसे को लौटाने के बाद सस्ते दाम पर स्क्रैप मिल जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में स्क्रैप की गाड़ी दिलाने की बात सुनकर एक बार तो सूरज भी सोच में पड़ गया, लेकिन कुछ दिन पहले हुए सौदे के दौरान राजबीर की ईमानदारी को देख सूरज भी उस पर विश्वास कर बैठा।
पहले पिलाई शराब, फिर रची साजिश
इस दो घंटे के दौरान दलाल राजबीर ने अपने साले मोतला कलां निवासी योगेश को फोन कर भिवाड़ी बुलाया। इस दौरान उसके साथ पांच अन्य साथी भी थे। यहां इन सभी को शराब और बीयर दिलाने के बाद लूट की साजिश रची। इस दौरान तय हुआ कि उन्हें रेवाड़ी के कालूवास से गोकलगढ़ जाने वाले सुनसान रास्ते पर लूटा जाएगा। इस बीच सूरज लगातार राजबीर को फोन करता रहा, लेकिन उनसे फोन नहीं उठाया। दो घंटे बाद राजबीर धारूहेड़ा के भगत सिंह चौक से स्क्रैप व्यापारियों की गाड़ी में सवार हो गया।
दो माह में पांचवीं लूट
बता दें कि जिले में पिछले दो माह से व्यापारियों व प्राइवेट बैंक के कर्मचारियों से लूटपाट की यह पांचवीं वारदात है। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
6 आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद रिमांड पर लिया गया है। सूचना मिलने के बाद ही टीमों का गठन कर दिया गया था।
-जमाल खान, डीएसपी।