रेवाड़ी। श्रीघंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के मंच पर रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। इसमें अंगद का रावण दरबार में पैर जमाना, लक्ष्मण मूर्छा, हनुमान जी द्वारा सुषेण वैद्य और संजीवनी बूटी लाना, कुंभकर्ण वध, अहिरावण वध तथा राम-रावण युद्ध के दृश्य प्रस्तुत किए गए। कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
लीला के सचिव याद के सुगन्ध ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ कटला बाजार निवासी विनोद कुमार की पौत्री ने रिबन काटकर किया। कार्यकारिणी सदस्यों श्याम गुप्ता, सुभाष गुप्ता और महेश पटवारी ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोई कितना भी छल-कपट करे या आतंक फैलाए, अंत में जीत सत्य की ही होती है। रावण की पराजय इसी बात का प्रमाण है। इसलिए सभी को सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
मुख्य संरक्षक अशोक शर्मा और निर्देशक भारत भूषण कश्यप ने बताया कि ललित ने राम, रूपेश ने सीता, हिमांशु ने लक्ष्मण, वैभव शर्मा ने हनुमान, राजेश व विजय पंवार ने रावण, सुनील भटनागर ने मेघनाद, मनीष ने अहिरावण, विकास गुप्ता ने कुंभकर्ण और सुभाष ने अंगद की भूमिका निभाई। कर्ण गुप्ता ने विभीषण और लोकेश गोयल ने सुषेण वैद्य का अभिनय किया।
रामलीला के मंचन में श्रीपति शेखावत, विजय पंवार, भारत गुप्ता, संजय सैनी, बाबूलाल गुप्ता, लाला राम गुप्ता, नानक गुप्ता, काकी अग्रवाल और मोनू डुडेजा सहित अन्य सदस्यों ने सहयोग दिया
शाम को राम और रावण की सेनाएं जुलूस के रूप में शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचीं, जहां राम ने अग्निबाण चलाकर रावण का वध किया। इसके बाद विभीषण को लंका का राजा बनाया गया।