रेवाड़ी। स्वच्छता रैंकिंग में रेवाड़ी को प्रदेश में 11वां स्थान मिला है, मगर देश की रैंकिंग में स्थिति ठीक नहीं है। रेवाड़ी नगर परिषद को देश में 258 रैंकिंग मिली है, जबकि 2022 में यह 140 और 2021 में 190 थी। नगर पालिका बावल को हरियाणा में 47वां स्थान और देश में 3113वीं रैंकिंग मिली है। धारूहेड़ा को राज्य में 47वां स्थान और देश में 3158वीं रैंकिंग मिली है। शहर को पिछले साल भी राज्यस्तर पर 11वां स्थान मिला था।
राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता रैंकिंग में जिले के पिछड़ने का कारण सफाई का उचित प्रबंधन का अभाव और बाहर कूड़ा डालने के प्रति लोगों में अब भी जागरूकता की कमी को माना जा रहा है। शहर की आबादी करीब पौने तीन लाख है। इसमें नगर परिषद के 31 वार्ड शामिल हैं। नगर परिषद ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कुछ नए कदम भी उठाए थे, जिनमें घर-घर कूड़ा उठान और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट चालू करना शामिल था। रैंकिंग में गिरावट की वजह पूरे शहर में सफाई का उचित प्रबंधन न होना और अब भी लोगों का घरों से निकलने वाले कूड़े को लेकर कोई खास जागरूकता न होना है। शहर के 90 फीसदी लोग अब भी अपने घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कूड़े को अलग नहीं कर रहे हैं। जबकि घर-घर से कूड़ा उठान के लिए पहुंच रही गाड़ी में कूड़े को मिलाकर डाला जा रहा है।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर अटके रहने की वजह से हुई समस्या
इस बार सर्वेक्षण को घर-घर से लिए गए कचरे को अलग-अलग करने, जीरो अपशिष्ट कार्यक्रम, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, बेहतर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और बैकलेन स्वच्छता से संबंधित मापदंडों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। नगर परिषद की ओर से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का टेंडर अटने पर ट्रैक्टर लगाकर कॉलोनियों व मोहल्लों से कचरा इकट्ठा किया गया। जीरो अपशिष्ट के लिए आरआरआर केंद्र सहित सफाई अभियान चलाया गया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर समय पर हो जाता तो हो सकता था कि राज्यस्तर पर भी रैंकिंग में सुधार होता और राष्ट्रीय स्तर पर भी।
शहर को ओडीएफ प्लस प्लस का मिला चुका है दर्जा
दूसरी तरफ हाल ही में भारत सरकार की ओर से जारी की गई रैंकिंग में ओडीएफ प्लस प्लस का सर्टिफिकेट लेकर शहर अव्वल बन गया है, जबकि बावल को ओडीएफ प्लस रैंक मिली है। धारूहेड़ा की स्थिति काफी खराब है, जिसे ओडीएफ रैंक मिली है।
रेवाड़ी शहर की स्थिति
राष्ट्रीय रैंकिंग-258
राज्य रैंकिंग-11
डोर टू डोर कलेक्शन वेस्ट 92 प्रतिशत
रिहायशी क्षेत्र की सफाई 70 प्रतिशत
मार्केट क्षेत्र की सफाई 70 प्रतिशत
डंप साइट्स पर निवारण 00 प्रतिशत
पब्लिक शौचालय 67 प्रतिशत
बावल की स्थिति
राष्ट्रीय रैंकिंग 3113
जोनल रैंकिंग 246
स्टेट रैंकिंग 47
डोर टू डोर कलेक्शन वेस्ट 51 प्रतिशत
रिहायशी क्षेत्र की सफाई 35 प्रतिशत
मार्केट क्षेत्र की सफाई 35 प्रतिशत
डंप साइट्स पर निवारण 89 प्रतिशत
धारूहेड़ा की स्थिति
राष्ट्रीय रैंकिंग 3158
जोनल रैंकिंग 186
स्टेट रैंकिंग 49
डोर टू डोर कलेक्शन वेस्ट 16 प्रतिशत
रिहायशी क्षेत्र की सफाई 27 प्रतिशत
मार्केट क्षेत्र की सफाई 27 प्रतिशत
डंप साइट्स पर निवारण 100 प्रतिशत
पब्लिक शौचालय 25 प्रतिशत
रेवाड़ी शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए नगर परिषद की तरफ से प्रयास जारी है, इस बार और बेहतर किया जाएगा। दूसरी तरफ कुछ दिनों पहले रेवाड़ी शहर को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा मिला था। जोकि प्रशासन की तरफ से किए गए बेहतर प्रयासों का नतीजा है।सुधीर कुमार, सीएसआई, नगर परिषद रेवाड़ी।
डोर टू डोर टेंडर समय पर न लगने की वजह से राज्य स्तर पर रेवाड़ी की रैंकिंग पिछले साल जितनी ही रही। अगर समय पर टेंडर लग जाता तो हो सकता था की रैंकिंग में सुधार होता। राष्ट्रीय स्तर पर जो रैंकिंग मिली है वह काफी हैरान कर देने वाली है। लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है। -प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छता अभियान।