रेवाड़ी। महिला सांस्कृतिक संगठन की संयोजक सुमन देवी ने रक्षाबंधन पर महिलाओं और बच्चों के लिए निशुल्क बस यात्रा की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की निशुल्क यात्रा की घोषणा अव्यवस्थाओं के कारण मजाक बनकर रह गई। बसों की कमी के चलते महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि एसटीए की बसों में निशुल्क यात्रा पर रोक रही। यदि किसी महिला ने निशुल्क यात्रा का हवाला देकर एसटीए बस में सफर शुरू किया तो उसे बस से उतार दिया गया। सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था पहले से नहीं की। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी डिपो में मरम्मत के लिए खड़ी बसों को समय पर ठीक करवाकर सड़क पर उतारा जाता और एसटीए बस संचालकों को महिला यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न होने के निर्देश दिए जाते तो महिलाओं को परेशानी नहीं होती।