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महा शिवरात्रि आज, सुबह पांच से रात 10 बजे तक खुलेंगे मंदिर

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कोरोना काल के बीच भगवान शिव के पवित्र माह सावन में महाशिवरात्रि का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक दिन के लिए सुबह पांच से रात 10 बजे तक मंदिरों को खोलने का निर्णय लिया गया है। मंदिर खोलने के साथ ही सख्त हिदायत दी गई है कि मंदिर पहुंचने वाले हर शख्स के फेस पर मास्क होना अनिवार्य है। इसके साथ ही दो गज की दूरी की पालना भी करनी होगी। इसके लिए बकायदा मंदिरों में पुलिस की तैनाती के साथ अधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है। मंदिर को समय-समय पर सैनिटाइज भी करने के आदेश दिए गए है।
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बता दें कि इस बार महाशिवरात्रि पर कांवड़ नहीं चढ़ेगी, क्योंकि हरिद्वार जाने पर प्रशासन ने पहले ही पाबंदी लगा दी थी। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल की व्यवस्था पहले ही मंदिर में की जा चुकी है। जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार के आदेशों की पालना में जिला में महाशिवरात्रि पर्व पर प्रात: 5 से देर रात्रि 10 बजे तक मंदिरों को खोलने की छूट प्रदान की गई है। महा शिवरात्रि के दिन मंदिर प्रबंधन समिति को मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए विशेष व्यवस्था सहित सरकार द्वारा जारी हिदायतों की पालना करनी होगी।



भूतेश्वर और घंटेश्वर मंदिर पर फोकस
सावन माह में सबसे ज्यादा भीड़ हर साल शहर के भाड़ावास रोड बारा पत्थर स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर व मोती चौक पर खासी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते मंदिर बंद है। महाशिवरात्रि के दिन ही मंदिर खुलेंगे। मंदिर से जुड़ी श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन दोनों ही मंदिर को लेकर ज्यादा तैयारी की है। यहां मंदिर कमेटी द्वारा पूरे इंतजाम किए जा रहे है, जिससे गाइडलाइन की पालना की जा सके। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए बांस-बल्ली भी लगाई गई है।
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मंदिर में सामूहिक आरती व पूजा अर्चना पर बैन
मंदिर में सामूहिक आरती व पूजा अर्चना की अनुमति नहीं दी गई है। जिलाधीश ने बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को भीड़ एकत्रित करने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालु एक-एक करके दो गज की दूरी के साथ पूजा करें। श्रद्धालुओं को प्रसाद व लंगर बांटने की अनुमति भी नहीं मिलेगी और न ही पवित्र जल बांटने व छिड़कने की अनुमति होगी। जिलाधीश ने कहा कि पूजा स्थल या मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा मंदिर परिसर को समय-समय पर सैनिटाइज कराना होगा।
एसओपी की पालना करनी होगी
डीसी ने कहा कि सभी पूजा स्थल या मंदिर प्रबंधन समिति को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा चार जून 2020 को धार्मिक संस्थानों के लिए जारी की गई एसओपी की पालना करनी होगी।
टोकन से होगी मंदिर में एंट्री
जिलाधीश ने कहा कि प्रबंधन समिति को सलाह दी जाती है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को टोकन देने की व्यवस्था बनाए ताकि पांच से अधिक श्रद्धालु एक साथ प्रार्थना के लिए मंदिर में प्रवेश ना कर सकें। जिलाधीश ने कहा कि मंदिर परिसर में दो गज की दूरी बनाएं रखना और फेस मास्क पहनना जरूरी है। आमजन से अपील की है कि वे इस दौरान दो गज की दूरी बनाए रखें और मास्क लगाकर रखें ताकि करोना महामारी से बचाव हो सके।
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