रेवाड़ी। सेवास्तंभ की तरफ से मॉडल टाउन स्थित भीमराव आंबेडकर पार्क एवं लाइब्रेरी कार्यालय में सेवानिवृत कर्मचारियों की एक बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता सेवास्तंभ के प्रधान एवं केन्द्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपप्रधान भगत सिंह बौद्ध ने की।
बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग से सेवानिवृत कर्मचारियों को संभावित रूप से बाहर रखने की मंशा पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
भगत सिंह ने कहा कि यदि आयोग की सिफारिशों में सेवानिवृत कर्मचारियों को सम्मिलित नहीं किया गया तो यह उनके अधिकारों का खुला हनन होगा। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से इस निर्णय का पुरजोर विरोध करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रिफरेंस से अनफंडेड और नॉन-कंट्रीब्यूटरी जैसे शब्दों को तत्काल हटाया जाए। आयोग की चर्चाओं एवं बैठकों में सेवानिवृत कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का पेंशन कोष जो कर्मचारियों के भविष्य का आधार है, उसे केवल पेंशन भुगतान के लिए ही सुरक्षित रखा जाए।
फाइनेंस एक्ट 2025 की विवादित धाराओं को शीघ्र रद्द किया जाए, क्योंकि इन धाराओं से पेंशन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
बैठक में उपस्थित सभी सेवानिवृत कर्मचारियों ने भगत सिंह के विचारों का सर्वसम्मति से समर्थन किया और कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे संयुक्त रूप से आंदोलन का भी रास्ता अख्तियार करेंगे।
बैठक में प्रमुख रूप से प्रधान आरडी शर्मा, आचार्य कांशी राम (महासचिव), पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी एडवोकेट राज कुमार, पूर्व प्राचार्य धर्मपाल सिंह, राम सिंह, सत्यपाल सिंह, सत्यवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।