नारनौल रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय सुबह रेवाड़ी से फुलेरा की ओर जा रही मालगाड़ी की बोगियां इंजन से अलग हो गईं। बोगी से बोगी जोड़ने वाले कुंडे के टूटने से हुई इस घटना के चलते क्रॉसिंग गेट करीब एक घंटे तक बंद रहा। गेटमैन और ड्राइवर ने घटना की जानकारी रेवाड़ी जंक्शन पर दी। जिसके बाद सहायता इंजन की मदद से मालगाड़ी को दोबारा रेवाड़ी ले जाया गया।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे कुछ कंटेनर लेकर मालगाड़ी रेवाड़ी जंक्शन से फुलेरा की ओर रवाना के लिए निकली। नारनौल रेलवे फाटक पर गेटमैन जय सिंह ने सुबह 10:32 पर रेलवे क्रासिंग बंद की। जिसके बाद अगले तीन मिनट में ट्रेन क्रॉसिंग पार करने लगी। अभी इंजन बोगियों को लेकर कुछ आगे ही बढ़ा था कि करीब 10:37 पर मालगाड़ी की बोगियां अचानक रेलवे ट्रैक पर ही रुक गईं जबकि इंजन एक बोगी लेकर आगे जाता रहा। इस पर फाटक पर तैनात गेटमेन ने दौड़ लगाई और लाल झंडी को फहराया। ड्राइवर ने देखा और इंजन को रोक दिया। इसके बाद रेवाड़ी जंक्शन पर मामले की जानकारी दी। इधर, बोगी ट्रैक पर रुकते देख गेटमैन ने भी घटना की जानकारी दी। जिसके बाद रेलवे की टीम मौके पर पहुंची और बोगियों को वापस रेवाड़ी जंक्शन ले जाया गया। वहीं विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक इंजन से जुड़ी बोगी का कुंडा अगली बोगी से जुड़ा था। किसी वजह से यह कुंडा टूट गया। जिसके कारण यह घटना हुई।
कुंडा टूटने का हुआ था धमाका
कोसली निवासी राजेंद्र ने बताया कि जब मालगाड़ी रेलवे ट्रैक से निकल रही थी उस दौरान वह क्रॉसिंग के पास ही अपनी बाइक लेकर खड़े थे। इंजन गेट से कुछ ही आगे गया था कि अचानक धमाके के साथ तेज आवाज हुई। पहले तो पता ही नहीं चला कि क्या हुआ बाद में बोगी रुकी और इंजन उससे कुछ दूरी पर देख पता चला कि इंजन से बोगियां अलग हो गई हैं।
कुछ ही देर में लगा कई किलोमीटर लंबा जाम
क्रॉसिंग बंद होने के चलते गोपाल देव चौक से नारनौल रेलवे क्रॉसिंग तक बेहद लंबा जाम लग गया। वहीं दूसरी ओर कोसली, कनीना और दूसरी ओर महेंद्रगढ़ की ओर से आने वाले बड़े वाहन भी केवल रुटीन क्रॉसिंग बंद समझकर महज कुछ ही मिनटों में एक के पीछे एक लगते चले गए। बाद में मामले का पता चला। कुल मिलाकर करीब एक घंटे तक लोग तेज धूप में जाम से जुझते रहे।
जयपुर डिवीजन के आलाधिकारी कर सकते हैं जांच
रेलवे में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी की जानकारी की पूरी इन्क्वायरी होती है। ऐसे में उम्मीद है कि मामले की जानकारी होने के बाद जयपुर डिवीजन से भी कुछ अधिकारी घटना की जांच के लिए रेवाड़ी जंक्शन पहुंचें।