रेवाड़ी। जिले के राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग-ए और बीपीएल श्रेणी के पात्र छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति से जुड़ा नया निर्देश जारी किया गया है। निदेशालय ने कहा है कि स्कूलों को वन स्कूल एप पोर्टल पर छात्रवृत्ति की तृतीय तिमाही से संबंधित उपस्थिति का डाटा हर हाल में 5 जनवरी तक अपडेट करना होगा।
कोई विद्यालय मुखिया डाटा अपडेट नहीं करता है तो विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसा होने पर इसके लिए विद्यालय प्रमुख को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।महानिदेशक मौलिक शिक्षा ने स्पष्ट किया है कि अब छात्रवृत्ति केवल उन्हीं विद्यार्थियों को दी जाएगी जो नियमित रूप से स्कूल आते हैं।
यदि कोई छात्र बिना जरूरी कारण के दस दिनों से अधिक समय तक अनुपस्थित रहता है तो उसका नाम ड्रॉपआउट रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा और उसकी छात्रवृत्ति भी रोक दी जाएगी। विद्यालय प्रशासन को प्रतिदिन उपस्थिति की निगरानी करनी होगी।
यदि कोई विद्यार्थी लगातार तीन दिन स्कूल नहीं आता है तो कक्षा अध्यापक तुरंत उसके अभिभावकों से संपर्क कर अनुपस्थिति का कारण जानेंगे। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की अनुपस्थिति की जानकारी विद्यालय के आधिकारिक व्हाट्सएप समूह में भेजनी अनिवार्य होगी।
पात्र छात्र-छात्राओं को वर्गवार वित्तीय सहायता
अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग‑ए, पिछड़ा वर्ग‑बी और बीपीएल श्रेणी के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि का विवरण जारी किया है। इस योजना के तहत जिले के राजकीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को वर्गवार वित्तीय सहायता दी जाती हैं, जिसमें कक्षा 1 से 5 तक पढ़ रहे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि लड़कों को 100 रुपये और लड़कियों को 150 रुपये प्रति माह निर्धारित की गई है। कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को लड़कों को 150 रुपये और लड़कियों को 200 रुपये प्रति माह मिलेगा। कक्षा 9 से 12 तक पढ़ रहे सामान्य छात्रों को लड़कों के लिए 250 रुपये और लड़कियों के लिए 400 रुपये प्रति माह छात्रवृत्ति दी जाएगी। वहीं, कक्षा 9 से 12 में विज्ञान वर्ग के छात्रों के लिए विशेष राशि तय की गई है, जिसमें लड़कों को 400रुपये और लड़कियों को 600 रुपये प्रति माह मिलेगा।
वर्जन
छात्रवृत्ति को लेकर सभी स्कूलों को निर्धारित तिथि तक डाटा भेजने के लिए निर्देश दिए गए हैं। समय रहते पात्र विद्यार्थियों की सूची तैयार कर सत्यापित डाटा भेजने के लिए कहा गया है ताकि मेधावी अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को योजना का लाभ बिना किसी विलंब के मिल सके।-बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।