माध्यमिक विद्यालय में अनुसूचित जाति की छठवीं कक्षा की छात्रा को क्लासरूम में अन्य विद्यार्थियों से अलग बैठाने के मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रा के अभिभावकों एवं स्कूल स्टाफ व अन्य बच्चों से भी पूछताछ की गई। इसके साथ ही छात्रा को क्लास रूम में अलग बैठाने के आरोपी शिक्षक के भी आयोग सदस्यों ने बयान दर्ज किए।
उल्लेखनीय है कि बावल क्षेत्र के गांव हरचंदपुर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा छह की अनुसूचित जाति की एक छात्रा के परिजनों ने बावल के एसडीएम को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ स्कूल में भेदभाव हो रहा है और जिम्मेदार शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। परिजनों के आरोपों को लेकर खबर प्रकाशित होने पर बाल संरक्षण आयोग की टीम भी हरकत में आई और फिर बुधवार को टीम स्कूल में पहुंची।
स्कूल हेडमास्टर बिमला देवी व खंड शिक्षा अधिकारी रामपाल ने किसी भी बच्चे के साथ किसी भी तरह के भेदभाव से साफ इंकार किया है। इसके अलावा आरोपी अध्यापक ने कहा कि साजिश के तहत इस तरह का आरोप लगाया गया है। वहीं, आयोग की सदस्य मंजीत यादव ने कहाकि मामला स्वत: संज्ञान में लेते हुए सभी पक्षों से जांच पड़ताल की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आयोग अगली कार्रवाई करेगा।