फोटो: 17रेवाड़ी। सत्संग में विचार व भजन के माध्यम से इस प्रभु परमात्मा के यशगान का गुणगान क
डहीना। गांव औलांत में निरंकारी सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें ज्ञान प्रचारक महात्मा रामशरण ने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य मानव से मानव को जोड़ने और आपस में प्रेम भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि हे इंसान तू अपने मूल की पहचान कर ले और अपने असली मकसद व अपने अस्तित्व को जान ले कि कहां से आया है और कहां पर तुझे जाना है। मुक्ति का द्वार केवल एक सत्संग है। सभी महात्माओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई थी। ब्रांच डहीना के मुखी महात्मा धर्मपाल व साध संगत ने दिल्ली से आए हुए ज्ञान प्रचारक महात्मा का आभार प्रकट किया। इस विशाल सत्संग में रेवाड़ी से संयोजक एवं ज्ञान प्रचारक महात्मा हरीश, क्षेत्रीय संचालक राकेश, मुखी राजवीर गुडियानी, महेंद्रगढ़ से मुखी मुकेश, कोसली से मुखी धर्मपाल ने भी आशीर्वाद दिया। संवाद