संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। एसटीपी से बिना शोधित फैक्टरियों का दूषित पानी छोड़ने जाने से क्षेत्र के दस गांवों के लोग प्रभावित हैं। इन गांवों के लोग एलर्जी समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। वहीं लोग खेती भी नहीं कर पा रहे हैं। विधायक चिरंजीव राव ने शनिवार को मसानी बैराज का जायजा लिया। उन्होंने आसपास के गांवों के पीड़ित लोगों से मुलाकात की।
पीडितों ने बताया कि उन्होंने हर स्तर पर शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासन काल में जवाहरलाल नेहरू नहर से बैराज को जोड़ा था ताकि यहां नहर का पानी आए और लोगों को लाभ हो। अब इसमें फैक्टरियों का केमिकलयुक्त युक्त पानी बिना शोधित किए एसटीपी से छोड़ा जा रहा है। इससे खलियावास, खरखड़ा, तीतरपुर, मसानी, डूंगरवास, निखरी, भटसाना, निगाणियावास, रसगण, जडथल के लोग परेशान हैं। यहां के लोगों को एलर्जी हो रही है। खेतों में फसल नही हो रही है। बोरवेल का पानी भी दूषित व खतरनाक है। विधायक ने कहा कि एनजीटी के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एसटीपी से पानी का सैंपल लिया था जो फेल हुआ था। एसटीपी पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके बाद भी बिना ट्रीट किया पानी मसानी बैराज में डाला जा रहा है।
विधायक के साथ सरपंच राजकुमार, धीरज, नरेश, सुखीराम, रतिराम यादव, दयाचंद मसानी, सत्यनारायण, दलीप सिंह, जितेंद्र फदनी, रामनारायण, रमेश, अनिल डुंगरवास, इंद्रजीत, सत्यवान, कपिल निखरी, रोहित खरकडा, यशपाल तीतरपुर, ईश्वर यादव मौजूद रहे।
मसानी बैराज नहीं बनाया जा सका पर्यटन स्थल
विधायक चिरंजीव राव ने कहा तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के यहां का दौरा कर घोषणा की गई थी कि मसानी बैराज को पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। यहां पर नाव चलेगी और लोगों को रोजगार मिलेगा लेकिन इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया। आज स्थिति यह है कि मसानी बैराज को दूषित पानी का झील बना दिया गया है। कुछ दिन पहले पिता पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात की थी। आज तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।