नगर पालिका परिसर में धरने पर बैठे सफाईकर्मी। संवाद
बावल। नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई कर्मियों ने वीरवार को भी हड़ताल पर रहकर नगर पालिका परिसर में धरना दिया। बाद में धरना स्थगित हो गया।
सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। जबतक मांगें नहीं मानी जाती हैं तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरने की अध्यक्षता कर रहे अशोक कुमार ने कहा कि कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और धरना दे रहे हैं लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और विभाग के कर्मचारियों को न्यूनतम 30 हजार रुपये वेतन दिया जाए। इसके अलावा गुरुग्राम में निकाले गए 3480 कर्मचारियों की पुन: बहाली की भी मांग की गई है।
अशोक कुमार ने कहा कि ये सभी मांगें कर्मचारियों के हित से जुड़ी हुई हैं और इन्हें पूरा किया जाना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों को कोरोना काल में कोरोना योद्धा कहा गया, लेकिन अब उनके हितों की अनदेखी की जा रही है।
इससे कर्मचारियों में भारी रोष है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कूड़ा ना उठने की वजह से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।
धरने में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन उनकी आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही। ऐसे में परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।