संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली (रेवाड़ी)। गेहूं बीज की सब्सिडी में फर्जीवाड़ा करने के आरोपी बीज बिक्री केंद्र कोसली के सेल्समैन सुशील को एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की गुरुग्राम टीम ने बुधवार शाम को गिरफ्तार कर लिया। सुशील हिसार के गंगवा रोड स्थित नवदीप कॉलोनी का निवासी है।
सेल्समैन सुशील पर वर्ष 2020-21 में गेहूं बीज वितरण के समय किसान सूची व रसीद के रिकाॅर्ड में किसानों के आधार कार्ड नंबर धोखाधड़ी से दर्ज करके उनके नाम पर 10 से 15 बैग गेहूं बीज का गलत इंद्राज करने और किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है।
कोसली बिक्री केंद्र पर साल 2020-21 रबी फसल के लिए गेहूं का बीज आया था। आरोप है कि सुशील ने 3200 क्विंटल बीज बेचा था। गेहूं बीज का सरकारी मूल्य 3350 रुपये रखा गया था। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने बीज पर 1 हजार रुपये की सब्सिडी दी थी। सब्सिडी काटकर किसानों को 2350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा गया था। 3200 क्विंटल गेहूं की यहां के खाते में 32 लाख रुपये की सब्सिडी भेजी गई।
सेल्समैन ने 1019 किसानों को 3200 क्विंटल गेहूं बीज कोसली के बिक्री केंद्र से बेचा था। इसमें रेंडम 211 किसानों के पास एसीबी की टीम जांच के लिए पहुंची थी और उनके बयान दर्ज किए। आरोपियों ने कुछ ऐसे किसानों के नाम भी सूची में चढ़ा दिए थे, जिन्होंने गेहूं का बीज केंद्र से खरीदा ही नहीं था। इसी प्रकार से आरोपियों ने बड़ा घोटाला किया।
किसानों ने दिए थे ये बयान
23 किसानों ने बयान में बताया था कि कोसली बीज ब्रिकी केंद्र से वर्ष 2020-21 में गेहूं बीज तो खरीदा था, लेकिन जो बीज ब्रिकी केंद्र कोसली के रिकाॅर्ड में दर्शाया गया है, उतने बैग गेहूं बीज उनके द्वारा नहीं खरीदा गया था। जांच में 29 किसान ऐसे पाए गए, जिन्होंने 1 या 2 बैग गेहूं बीज खरीदा था, लेकिन रिकाॅर्ड में उनके नाम पर 10 से 20 बैग तक दर्शाए गए हैं। इनकी कोई रसीद नहीं दी गई थी, किसानों के रिकॉर्ड में हस्ताक्षर करवा लिए गए थे। 6 किसान तो ऐसे पाए गए जिन्होंने ब्रिकी केंद्र कोसली से वर्ष 2020-21 में गेहूं बीज ही नहीं खरीदा था। उन्हें नहीं पता कि सेल्समैन ने उनके आधार व मोबाइल फोन नंबर कहां से लिए हैं। किसान सूची में जो हस्ताक्षर हैं वो भी उनके नहीं हैं। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।