रेवाड। स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है, इसका फैसला अब केवल मुख्य गेट पर तैनात गार्ड, सीसीटीवी कैमरों या फायर एक्सटिंग्विशर की मौजूदगी देखकर नहीं होगा। बच्चे के घर से स्कूल बस में बैठने से लेकर कक्षा और आपात स्थिति में मिलने वाली मदद तक पूरी सेफ्टी चेन की जांच होगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने नेशनल सेफ्टी काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से स्कूल सेफ्टी अवार्ड्स योजना-2026 शुरू की है। संवाद