संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। सेक्टर-4 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर में हुई हल्की ब्लास्टिंग की घटना ने एक बार फिर गैस सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत को उजागर कर दिया है। घटना के तुरंत बाद उपभोक्ता ने एलपीजी हेल्पलाइन और संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर को सूचना दी। सूचना मिलते ही तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद सिलेंडर को सर्विस सेंटर भेजने की सलाह दी।
उपभोक्ता ने इस घटना की जानकारी सिविल समाज, आरआर सेंटर और आरडब्ल्यूए के सदस्यों को भी दी। बताया गया कि पिछले 45 वर्षों में यह पहली बार घटना सामने आई है। इसके बाद आरडब्ल्यूए और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर संभावित हादसों से बचाव के लिए घर-घर जाकर जागरूकता अभियान शुरू किया। अभियान के तहत सेक्टर के सभी घरों के साथ-साथ आसपास के स्कूलों और कामकाजी महिलाओं को भी सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
आरडब्ल्यूए की ओर से एलपीजी वितरक और तकनीकी टीम का त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद किया गया। इस अभियान में सत्यम, अनिल, अभिमन्यु देशराज शर्मा, दीपक कुमार, जय-वीरू भवन और दीपांशु सहित कई लोगों ने सक्रिय सहयोग किया।
एलपीजी तकनीकी टीम ने लोगों को गैस सुरक्षा से जुड़े अहम सुझाव दिए। बताया गया कि गैस की गंध आते ही तुरंत रेगुलेटर बंद कर देना चाहिए। सिलेंडर को खुली जगह पर रखना चाहिए और घर के दरवाजे-खिड़कियां खोल देनी चाहिए। किसी भी स्थिति में माचिस या लाइट का प्रयोग न करें। साथ ही केवल कंपनी द्वारा प्रमाणित ओरिजिनल रेगुलेटर का ही इस्तेमाल करें और तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
जागरूकता अभियान के दौरान वरिष्ठ नागरिक जगदीश ने बच्चों और महिलाओं को इमरजेंसी वाल्व के सही उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही कदम उठाना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।