रेवाड़ी। नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी उतर आए हैं। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने 27 से 29 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। इसके बाद 31 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। यूनियन ने 3 सितंबर को नगर निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास पर पड़ाव डालने की घोषणा की है।
यूनियन के प्रदेश प्रधान बसाऊराम, महासचिव विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष संदीप कुमार, उपमहासचिव देवीराम और वरिष्ठ उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समझौते करने के बाद उन्हें लागू नहीं कर रही है। उन्होंने नगरपालिका कर्मचारियों पर पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया।
यूनियन नेताओं ने कहा कि प्रदेश के 30 हजार से अधिक नगरपालिका कर्मचारी छह अगस्त से हड़ताल पर हैं। 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते में कच्चे सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन कर्मियों को 30 जून तक पक्का करने की बात स्वीकार की गई थी, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि 29 मई को पानीपत में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के साथ 18 में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार ने केवल 2100 रुपये मासिक वेतन बढ़ोतरी लागू की, वह भी जुलाई से। यूनियन का आरोप है कि जनवरी 2026 से बढ़ोतरी लागू करने के समझौते के बावजूद छह माह की राशि कर्मचारियों को नहीं मिली। बाकी मांगों पर सहमति के बावजूद पत्र जारी नहीं किए गए।
यूनियन ने चेतावनी दी कि सरकार दमन का रास्ता छोड़कर कर्मचारियों से वार्ता करे और समझौते लागू करे। मांगें पूरी नहीं होने पर ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे।