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पीडब्लूडी सड़कों को नुकसान पहुंचाया तो होगी तीन माह की सजा

Sun, 09 Oct 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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खराब हाल में पहुंची खर्ककार्की जाने वाली सड़क। - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर पानी डालने एवं नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून बनाया जाएगा। कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसके तहत ऐसे लोगों के खिलाफ निर्माण में आए खर्च का दो गुना जुर्माना एवं तीन महीने की सजा का प्रावधान किया जाएगा। यह बात शनिवार को सूबे के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कही। गौरतलब है कि राव नरबीर सिंह शनिवार को रेवाड़ी के कोसली हल्के में सड़क के नवीनीकरण के शुभांरभ एवं अन्य कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे थे।
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मंत्री ने कहा कि करीब दो साल पहले पीडब्लूडी मंत्रालय का जिम्मा मिलने के बाद से वह ऐसे लोगों के खिलाफ कानून बनाने का प्रयास कर रहे थे। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर एंव कैबीनेट मीटिंग में  कानून का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया गया है। आगामी शीतकालीन सत्र में इसे विधानसभा में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान लोगों द्वारा सड़कों पर पानी छोड़ने से होता है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही अपनी बैठक में उन्होंने यह बात रखी थी।

मुख्यमंत्री ने अब इसके लिए सहमति दे दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार 2016-2017 का वर्क ऑर्डर तैयार कर प्रदेश की सभी विधान सभाओं की सड़कों को सुधारने का काम शुरू किया है। विधायक विपक्ष को हा या पक्ष जहां पर भी सड़के खराब हैं,उन्हें 31 मार्च तक पूरी तरह से ठीक कर दिया जाएगा। जबकि इससे पहले पक्ष-विपक्ष देखकर काम किया जाता था।
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दो हजार करोड़ की लागत से मिटेगा दक्षिण हरियाणा का सूखा
बातचीत में राव नरबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कार्यभार संभालते ही कहा था कि वह दक्षिण हरियाणा के सूखे को खत्म करेंगे। इसके तहत ही दक्षिण हरियाणा के आखिर छोर तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए दो हजार करोड़ की लागत से नहर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अहीरवाल के लोगों ने सरकार को ग्यारह विधायक दिए हैं, इसलिए उतना हक भी सरकार पर ज्यादा बनता है और सीएम भी इस बात से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि वह 1987 में पहली बार विधायक बनने के बाद से अब तक छह मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर चुके हैं, लेकिन मनोहरलाल पहले मुख्यमंत्री हैं, जो बिना भेदभाव के प्रदेश के लिए काम कर रहे हैं।
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