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Rewari News: रेवाड़ी के पानी में आधी कटौती, 300 की जगह 150 क्यूसेक मिल रहा

Thu, 01 May 2025 01:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो : 3जेएलएन नहर के माध्यम से टैंक में भरा जा रहा पानी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। पंजाब सरकार ने भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले पानी में कटौती की है जिसका सीधा असर रेवाड़ी पर पड़ा है। गर्मी में प्रतिमाह 600 क्यूसेक पानी निर्धारित है लेकिन कटौती के बाद 150 क्यूसेक पानी नहर में मिल रहा है, जो अपर्याप्त नहीं है। इससे पहले औसतन 300 से 400 क्यूसेक पानी मिलता था। इससे भविष्य में पेयजल संकट गहरा सकता है।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नहर में जब 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता था तो लिसाना व कालाका में बने टैंकों को भरने में 7 से 8 दिन लगते थे। अब महज 150 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जिससे इस बार टैंकों को भरने में 12 दिन लगेंगे। पानी की कटौती से रेवाड़ी में पेयजल का संकट बढ़ सकता है। रेवाड़ी में पानी का राशनिंग सिस्टम चलता है। पहले 24 दिन नहर बंद होती थी। हालात यही रहे तो 30 दिन तक नहर बंद होगी। फिलहाल एक हफ्ते स्थिति साधारण रख सकते हैं, लेकिन आगे चलकर पेयजल की दिक्कत हो सकती है। स्थिति ऐसी ही बनी रही तो शहरवासियों को दो दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो सकती है। वर्तमान में एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है।
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एक और वाटर टैंक की है जरूरत

कालाका जलघर में अभी अलग-अलग क्षमता के पांच वाटर टैंक बनाए गए हैं। इनमें पानी क्षमता से ज्यादा भरने के बाद भी शहर में लगभग 20 दिन सप्लाई दी जा सकती है। अब समस्या इसलिए आ रही है कि नहरी पानी का शेड्यूल बदल दिया गया है। यानी नहर में 15 दिन पानी चलता है और 24 दिन बंद रहता है। टैंकों की क्षमता कम है जिससे पर्याप्त मात्रा में पानी का भंडारण नहीं हो पाता है, जिससे शहर में गर्मी के दिनों में पानी का संकट बना रहता है। अगर यहां एक टैंक और बने तो स्थिति सुधर सकती है। अमृत योजना में प्लान तैयार कर विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा गया है, लेकिन अभी स्वीकृति नहीं मिली है। टैंक के लिए लंबे समय से जमीन की तलाश चल रही है।

आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ रही

शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है। शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है। जन स्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब पंजीकृत उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है।
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वर्जन
जेएलएन नहर में वर्तमान में 150 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लिसाना व कालाका में बने टैंकों को भरने में पहले 7 से 8 दिन लगते थे। पानी कम छोड़े जाने के कारण इस बार टैंकों को भरने में 12 दिन लगेंगे।-हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
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