रेवाड़ी में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-4 की कहानी अजब स्कूल की गजब व्यवस्था वाली है। स्कूल का हाल यह है कि पीरियड बदलने और छुट्टी की घंटी शिक्षक स्वयं बजाते हैं। सफाई कर्मचारी नहीं होने से छात्राएं ही स्कूल की सफाई करती हैं। विषय संगीत का है लेकिन इस विषय के शिक्षक का पद सरप्लस कर उर्दू शिक्षक का पद मंजूर कर दिया गया है। शहर का राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सर्कुलर रोड पर है। विद्यालय में जगह की कमी के चलते डेढ़ वर्ष पूर्व विद्यालय को दो अन्य शाखाओं सेक्टर- 4 और सेक्टर-1 में विभाजित कर दिया गया। महज 10 मेज- कुर्सियों और कुछ टाट- पट्टियां देकर चार शिक्षकों को 150 छात्राओं का भविष्य बनाने के लिए सेक्टर-4 में शिफ्ट कर दिया गया। अमर उजाला प्रतिनिधि ने स्कूल का दौरा किया तो छात्राओं का दर्द छलक पड़ा।
संगीत शिक्षक का पद समाप्त किया
संगीत छात्राओं का प्रिय विषय होता है। स्कूल में अधिकांश छात्राओं के पास संगीत है। इसके बावजूद गत दिनों स्कूल से एकमात्र संगीत शिक्षिका का पद समाप्त कर उसकी जगह उर्दू शिक्षक का पद स्वीकृत कर दिया गया है। इससे छात्राओं में रोष है। संगीत शिक्षिका संजीता यादव फिलहाल सेक्टर-4 के एक्टेंशन स्कूल में इंचार्ज का कार्यभार संभाले हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में उनका यहां से तबादला होने वाला है।
छात्रा अंकिता का कहना है कि एक तो पहले ही मूल विद्यालय से अलग कर दिया। स्कूल के कमरों में सीलन है। बारिश के मौसम में तो बहुत बुरा हाल हो जाता है। इसमें तुरंत सुधार की जरूरत है। छात्रा पद्मा का कहना है कि बड़े स्कूल में जगह कम होने के कारण हमें यहां भेज दिया गया। जब यहां हमारी कक्षाएं शुरू हुई तो पर्याप्त कुर्सी-मेज भी नहीं थे। ना ही स्कूल प्रबंधन ने इस तरफ कोई ध्यान दिया। हमारे शिक्षकों ने अपने प्रयासों से सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। छात्रा ज्योति का कहना है कि स्कूल में घंटी बजाने वाला भी कोई नहीं है। शिक्षक ही घंटी बजाते हैं। इतना ही नहीं स्थायी सफाई कर्मचारी नहीं होने के कारण मजबूरन उनको ही विद्यालय की सफाई भी करनी पड़ती है। छात्रा मोनिका का कहना है कि स्कूल की जगह काफी छोटी है। खाली समय में कोई गेम भी नहीं खेल सकते हैं। स्कूल प्रशासन को खेल ग्राउंड की व्यवस्था करनी चाहिए। छात्रा गुरप्रीत का कहना है कि हम संगीत पढ़ रहे हैं और आगे भी पढ़ना चाहती हैं, ऐसे में हमारी टीचर को यहां से दूसरी जगह भेजा जा रहा है, यह गलत है। हमें उर्दू की नहीं बल्कि संगीत की जरूरत है। छात्रा मोनिका सोनी का कहना है कि विद्यालय में सुरक्षा के लिहाज से चौकीदार तक नहीं है। इसकी कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। कन्या विद्यालय में चौकीदार होना बेहद जरूरी है।
हमारे स्कूल में छात्राओं की संख्या अधिक होने के कारण कक्षाएं तीन जगहों पर लगाई जा रही हैं। मुख्य स्कूल के अलावा सेक्टर-4 और सेक्टर-1 में छात्राओं को पूर्ण सुविधा और संसाधन उपलब्ध करवाए हैं। अभी मुख्य स्कूल में अन्य भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है। जैसे ही भवन का निर्माण हो जाएगा, तो सभी कक्षाएं यहीं लगेंगी। संगीत पदों को सरप्लस किए जाने का हमें दुख है। छात्राओं की संगीत में रुचि है। इस बाबत आला अधिकारियों को पत्र लिखकर संगीत पद बने रहने की गुहार लगाई गई है। - मंजू पंवार, प्राचार्या, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-4 की स्थिति
भवन - छोटा है, तीन अलग-अलग जगह लगती हैं कक्षाएं
सेक्टर-4 - 9वीं से 12वीं तक कक्षाएं लगती हैं।
विद्यार्थी और शिक्षक- 150 छात्राओं पर आठ शिक्षक
संगीत - विषय तो है लेकिन शिक्षक सरप्लस कर दिया है
भवन - चार कक्षाओं के लिए पांच कमरे, कमरों में सीलन है
निकासी व्यवस्था- मैदान से पानी निकासी है, स्कूल भवन की छत से नहीं
कंप्यूटर लाइब्रेरी - नहीं है
एजुसेट सिस्टम- नहीं है
चौकीदार- नहीं है
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