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Rewari: रामसिंहपुरा में बनने वाले डंपिंग यार्ड को लेकर ग्रामीणों ने महापंचायत कर जताया विरोध, सौंपेंगे ज्ञापन

Sun, 13 Aug 2023 03:56 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

ग्रामीणों का कहना है कि आसपास का वातावरण खराब हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द हटे डंपिंग यार्ड नहीं तो आंदोलन होगा।
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विरोध में इकट्ठा हुए लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के रेवाड़ी के गांव रामसिंहपुरा के समीप बनाए गए डंपिंग यार्ड को लेकर लोग लामबंद्ध होने लगे हैं। रविवार को 20 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने रामसिंहपुरा के मंदिर में महापंचायत की। महापंचायत में निर्णय लिया कि केंद्रीय मंत्री से मिलकर डंपिंग यार्ड के विरोध में ज्ञापन सौंपेंगे।

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इसके बाद आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि डंपिंग यार्ड में डाले जा रहे कूड़े से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों का जीना दुभर हो रहा है। आसवास का वातावरण बदबूदार हो रहा है, जिससे बीमारियां भी फैल रही है। 

बतादें कि इस डंपिंग यार्ड की शुरूआत से ही ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल से मिलककर भी विरोध जता चुके हैं, लेकिन डंपिंग यार्ड को स्थानांतरित नहीं किया गया। ग्रामीणों के बढ़ते विरोध के बाद बीते सात अगस्त को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंच जनसुनवाई की थी। इस दौरान ग्रामीणों ने डंपिंग यार्ड का विरोध किया था। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा था कि इसे जल्द स्थानांतरित नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे। 
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इसी क्रम में रविवार गांव रामसिंहपुरा में आसपास के 20 से अधिक गांवों के सरपंचों व अन्य प्रतिनिधियों ने महापंचायत की। 

पूर्व सरपंच एवं एडवोकेट चौधरी चरण सिंह ने कहा कि रेवाड़ी से लेकर गुरुग्राम-मानेसर तक का कचरा लाकर रामसिंहपुरा में डाला जा रहा है, जिससे यहां का वातावरण बदबूदार हो गया है। तेज हवा चलने पर आसपास के गांवों के ग्रामीणों का सांस लेना भी दुभर हो जाता है। कई बार अधिकारियों को इसको यहां से स्थानांतरित करने को लेकर ज्ञापन भी दे चुके हैं। 

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि यह डंपिंग यार्ड हमारी आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को बर्बाद कर देगा। इससे दमा व सांस सहित अनेक प्रकार की बीमारियां फैल रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्री से मिलकर विरोध जता चुके हैं, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं।

सभी ग्रामीण जल्द ही केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलकर अपनी समस्या बताएंगे। उसके बाद ही आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस अवसर पर सुभाष चंद चांदावास, भीमसिंह सांजरपुर, शेरसिंह कटारिया, जितेंद्र सिंह भड़ंगी, अजय नंबरदार, शुभराम रसीयावास, गजेंद्र सिंह ओढ़ी व मुकेश जयसिंहपुर खेड़ा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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