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Rewari News: रेवाड़ी-सादुलपुर रेलवे बाईपास अब लगभग पूरा, ट्रायल के बाद खुलेगा नया रेल रूट

Sun, 17 May 2026 11:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी रेलवे स्टेशन। संवाद
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रेवाड़ी। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव और मालगाड़ियों की आवाजाही से यात्रियों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए तैयार किया जा रहा रेवाड़ी-सादुलपुर रेलवे बाईपास लगभग पूरा हो चुका है। जून या जुलाई में इसका ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद इस नए रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने की संभावना है।
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उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल की ओर से बनाए जा रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है।करीब 64.56 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह बाईपास लगभग 4.83 किलोमीटर लंबा है।
इसे महेंद्रगढ़ रोड से रेवाड़ी-लोहारू रेलवे सेक्शन तक विकसित किया गया है। परियोजना का अधिकांश सिविल कार्य पूरा हो चुका है और अब केवल सुरक्षा जांच, तकनीकी परीक्षण व इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से जुड़े कुछ कार्य बाकी हैं। रेलवे विभाग का कहना है कि ट्रायल सफल रहने के बाद इसे नियमित संचालन के लिए खोल दिया जाएगा।
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रेवाड़ी स्टेशन पर कम होगा दबाव



रेवाड़ी जंक्शन उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में गिना जाता है। यहां दिल्ली, जयपुर, हिसार, सादुलपुर और लोहारू की ओर जाने वाली कई ट्रेनों का संचालन होता है। इसके कारण अक्सर प्लेटफॉर्म और ट्रैक पर दबाव बना रहता है। विशेष रूप से मालगाड़ियों के कारण यात्री ट्रेनों को कई बार इंतजार करना पड़ता है। नया बाईपास शुरू होने के बाद हिसार और सादुलपुर रूट से आने-जाने वाली मालगाड़ियां सीधे बाईपास के माध्यम से गुजर सकेंगी। उन्हें अब रेवाड़ी जंक्शन के भीतर प्रवेश करने या इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे स्टेशन पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु तरीके से हो सकेगा।



माल ढुलाई में होगी समय की बचत



रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ मालगाड़ियों को मिलेगा। अभी तक कई मालगाड़ियों को रेवाड़ी स्टेशन पर रुककर ट्रैक खाली होने का इंतजार करना पड़ता था। बाईपास बनने के बाद मालगाड़ियां बिना रुके सीधे अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगी। इससे माल ढुलाई में लगने वाला समय कम होगा और रेलवे की परिचालन क्षमता भी बढ़ेगी। औद्योगिक क्षेत्रों और पावर प्लांटों तक कोयला व अन्य सामान पहुंचाने वाली ट्रेनों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे को उम्मीद है कि इससे माल परिवहन व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित होगी।



यात्रियों को भी मिलेगा फायदा



रेलवे बाईपास बनने से केवल मालगाड़ियों को ही नहीं बल्कि यात्रियों को भी राहत मिलेगी। जंक्शन पर ट्रेनों के लंबे समय तक रुकने की समस्या कम होगी और प्लेटफॉर्म जल्दी खाली हो सकेंगे। इससे यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा। साथ ही भविष्य में कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को भी सीधे इस रूट से निकाला जा सकता है। इससे यात्रियों का समय बचेगा और रेलवे नेटवर्क की क्षमता में भी वृद्धि होगी। रेलवे विभाग का कहना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में रेवाड़ी को एक अधिक व्यवस्थित रेलवे हब के रूप में विकसित करने में मदद करेगी।

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2012-13 में शुरू हुई थी परियोजना



रेवाड़ी-सादुलपुर बाईपास परियोजना की शुरुआत वर्ष 2012-13 में की गई थी। हालांकि विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इसका काम लंबे समय तक प्रभावित रहा। अब करीब एक दशक बाद यह परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंची है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत तीन बड़े आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) भी बनाए गए हैं। इनमें कापड़ीवास, बाइपास क्षेत्र और चांदवास के पास बनाए गए पुल शामिल हैं। इन पुलों के निर्माण से सड़क और रेल यातायात दोनों को सुविधा मिलेगी।
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