जिले की जमीन से होकर जाने वाली दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर(डीएमआईसी) रेलवे लाइन के लिए किसानों को घोषित अवार्ड राशि का गांव साल्हावास के 24 से ज्यादा ग्रामीणों ने असंतोष जताया। दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर के लिए 11 गांवों की जमीन का अधिगृहण होना है। इसमें निगानियावास, निखरी, रालियावास, खिजूरी, पंचोर, लाधूवास गुर्जर, पीथनवास, लोधाना, साल्हावास, कसौला, माजरी दूधा शामिल हैं।
डीआरओ कार्यालय के बाहर गुरुवार को इन गांवों की अधिग्रहित की गई भूमि की राशि सूची लगाई गई। करीब ढाई बजे गांव साल्हावास के दो दर्जन ग्रामीण पहुंचे और अवार्ड राशि पर असंतोष जताते हुए डीआरओ से मिलने पहुंचे। डीआरओ के न होने पर सभी सीटीएम बिजेंद्र सिंह से मिले और डीसी के नाम ज्ञापन के जरिए अवार्ड राशि कम होने की अपनी समस्या बताई। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को जारी सूचना के अनुसार अवार्ड राशि एक करोड़ 53 लाख रुपये प्रति एकड़ थी, जबकि गुरुवार को लगी लिस्ट में यह राशि घटाकर एक करोड़ 6 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई। ग्रामीणों ने कहा कि कम राशि उन्हें मंजूर नहीं है। सीटीएम ने ज्ञापन को डीसी को देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण चले गए। असंतोष जाहिर करने वालों में पूर्व सरपंच कृष्ण कुमार, शेर सिंह, थावर सिंह, प्रकाश चंद आदि मौजूद थे।