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खुले में शौच करने को मजबूर पांच हजार लोग

Thu, 22 Sep 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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शौचमुक्त जिला बनाने की कवायद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरकार के आदेश पर एक तरफ प्रशासनिक अमला रोजाना शौचमुक्त जिला बनाने की कवायद में जुटा है। वहीं दूसरी तरफ शहरी क्षेत्र में ही करीब पांच हजार लोग खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। ऐसा नहीं है कि प्रशासन को इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है। 
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जिला परिषद की जिद के चलते नगर परिषद क्षेत्र की न्यू आदर्श नगर कालोनी, हंस नगर और परशुराम कालोनी में रह रहे लोगों को मजबूरन खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन दिसंबर तक जिले को पूरी तरह शौचमुक्त करने का दावा पूरा कैसे कर पाएगा।

सीवर लाइन तो पड़ी, लेकिन डिस्पोजल की जगह नहीं
सन 2013 में कांग्रेस सरकार के दौरान इन कालोनियों में सीवर लाइन डालने के लिए करीब दो करोड़ रुपये का एस्टीमेट बना था। जो कि 2014 में पास होने के बाद इन कालोनियों में सीवर लाइन डालने का काम शुरू हुआ था। पूरी कालोनियों में सीवर लाइन डालने के लिए लोगों के घरों के बाहर बनीं कुइयां तोड़ दी गईं। सीवर लाइन तो पड़ गई, लेकिन सीवर डिस्पोजल की जगह नहीं बनी। जिसके चलते लाइन चालू ही नहीं की गई।
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अटका है सीवर डिस्पोजल बूस्टिंग प्लांट का काम
दरअसल तीनों ही कालोनियों के अलावा आसपास के नगर परिषदीय क्षेत्र में भी नगर परिषद की खुद की खाली जगह नहीं है। सबसे ज्यादा पास पंचायत भवन से सटी जमीन है। जिस पर फिलहाल कुछ लोग अस्थाई रूप से रह रहे हैं। पार्षद की मांग है कि इस जगह का 100 मीटर हिस्सा सीवर डिस्पोजल प्लांट के रूप में लिया जा सकता है। जिससे कि लोग खुले में शौच के लिए न जाएं।
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जिप मीटिंग में उठ चुकी है जगह देने की मांग
न्यू आदर्श नगर, हंस नगर नगर परिषद एरिये के वार्ड नंबर 23 में जबकि परशुराम कालोनी वार्ड नंबर 22 में आती है। वार्ड-23 के पार्षद रामअवतार छाबड़ी ने इस संदर्भ में एक जिला पार्षद की मदद से मामला जिला परिषद तक पहुंचा। मीटिंग में जगह देने का प्रस्ताव भी उठाया गया, लेकिन बहुमत नहीं मिल सका। जिसके चलते मांग कैंसिल हो गई।
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दो साल पहले कुइंया तोड़कर सीवर लाइन डाली गई थी, लेकिन अब तक डिस्पोजल बूस्टिंग प्लांट न बनने के कारण लोग बाहर ही शौच के लिए जाने को मजबूर हैं।
-आरडी शर्मा, निवासी, हंसनगर
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पहले तो प्रशासन ने सीवर लाइन डालने के नाम पर कुइयां तोड़ दीं। उस पर दो साल से लाइन भी चालू नहीं की। यूं कैसे शौचमुक्त जिला बनेगा।
-विमला देवी, निवासी, न्यू आदर्श नगर
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प्रशासन केवल हवा में प्रयास कर रही है। कई बार इलाकाई पार्षद की मदद से सीवर लाइन शुरू कराने की मांग की है, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-किशनलाल, निवासी, न्यू आदर्श नगर
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वार्ड के लोगों की समस्याओं के मद्देनजर जिला परिषद में पार्षद सन्नी यादव के जरिये बात उठवाई थी। लेकिन प्रस्ताव पास नहीं हुआ। प्रशासन से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
-रामअवतार छाबड़ी, पार्षद, वार्ड नंबर 23
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लोगों की खुले में शौच जाने की समस्या को दूर करने के लिए विकल्प तलाशे जा रहे हैं। प्रयास है कि जल्द से जल्द सीवरेज डिस्पोजल बूस्टिंग प्लांट बनवाकर समस्या का निदान किया जा सके।
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-डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी
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