नोटबंदी के बाद कैश की तंगी झेल रहे लोगों को राहत देने के लिए सडक़ परिवहन प्राधिकरण विभाग (आरटीए) स्वैपिंग मशीन लगाएगा। व्यवसायिक वाहनों का पंजीकरण कराने, परमिट बनाने एवं रिन्यू कराने के साथ अन्य कामों के लिए अब विभाग डेबिड कार्ड स्वैप कर फीस वसूलेगा। इसी के साथ रोड पर ओवर लोडिंग एवं अन्य चालानों के लिए भी इस मशीन का उपयोग किया जाएगा। गौरतलब है कि विभाग में प्रतिदिन लाखों की फीस जमा होती है। हालांकि 15 दिसंबर तक विभाग में 500 के नोट स्वीकार किए जा रहे हैं। लेकिन लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए विभाग पहले से ही तैयारी कर रहा है। इतना ही नहीं पब्लिक डीलिंग वाले अन्य दफ्तरों को भी कैशलेस बनाने के लिए जिला प्रशासन काम कर रहा है।
दलालों पर भी लगेगा अंकुश
आरटीए विभाग का नाम लेते ही दलालों की तस्वीर सामने आती हैं। कामर्शियल वाहनों के पंजीकरण के लिए अधिकतर कम पढ़े लिखे लोग आते हैं। जिनमें अधिकतर ड्राइवर होते हैं। दलाल इसी का फायदा उठाकर इन भोले लोगों को जल्दी काम का प्रलोभन देकर अपने चंगुल में फंसा लेते हैं। जानकारों का मानना है कि विभाग कैशलेस होने से भोलेभाले लोगों को बहकाने वाले दलालों पर भी अंकुश लगेगा। जिसका सीधा फायदा आम आदमी को मिलेगा।
जिसके नाम रजिस्ट्रेशन, उसी का चलेगा डेबिट कार्ड
नकदी के दौर में कोई भी व्यक्ति आरटीए विभाग में अपना काम करा सकता था। कैशलेस होने के बाद जिस व्यक्ति के नाम पंजीकरण होगा, उसके डेबिट कार्ड ही स्वैप किया जाएगा। यदि काई अन्य व्यक्ति अपना कार्ड स्वैप कराता है तो वह स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पंद्रह दिसंबर पांच सौ के नोट स्वीकार किए जा रहे हैं। लेकिन लोगों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए स्वैप मशीन लगाई जाएगी। स्वैप मशीन लगने से पंजीकरण कराने वालों के साथ विभाग को भी बहुत लाभ मिलेगा।
- सुजान सिंह, आरटीए, रेवाड़ी।