रेवाड़ी नप प्रधान के सीट पर भी भाजपा की प्रधान काबिज हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया महज आधे घंटे चली। रेवाड़ी के विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास के सीधे हस्तक्षेप के बाद अटकलों के इतर भाजपा समर्थित विनीता पीपल निर्विरोध रूप से नगर परिषद की प्रधान चुनी गईं। मौजूद 31 में से 30 पार्षदों में भाजपा के अलावा कांग्रेस और इनेलो के भी शामिल थे। इसके बावजूद विरोध तो दूर किसी अन्य पार्टी या भाजपा की कोई अन्य कैंडीडेट प्रधान की दावेदारी के लिए खड़ा नहीं हुआ। चुनाव प्रक्रिया एसडीएम और नोडल अधिकारी कुशल कटारिया की मौजूदगी में हुई। इस दौरान नप ईओ मनोज यादव भी मौजूद रहे। अब चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नोटिफिकेशन चंडीगढ़ स्थित कार्यालय भेजा जाएगा।
24 पार्षद लेकर पहुंचे विधायक
दोपहर करीब सवा 11 बजे रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास 24 पार्षदों के साथ नगर परिषद पहुंचे। विधायक खुद अपनी कार की जगह वैन में अन्य पार्षदों के साथ बैठे थे। विधायक के राजनीतिक कामकाज संभालने वाले उनके भतीजे मुकेश कापड़ीवास भी कुछ अन्य पार्षदों के साथ ही उनकी कार से पहुंचे थे।
पूर्व प्रधान ने बनाए रखी चुनाव से दूरी
नगर परिषद में 19 अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद से ही पार्षद शकुंतला भांडोरिया नगर परिषद की गतिविधियों से गायब रहीं। मंगलवार को भी शकुंतला चुनाव में शामिल नहीं हुईं। उनके अलावा सभी पार्षद चुनाव के दौरान मौजूद रहे। दूसरी तरफ विनीता पीपल यूं ही निर्विरोध नहीं चुनी गईं। रात के दो बजे तक रेवाड़ी विधायक और कैप्टन अजय खेमे में 15-12 का अनुपात था। तीन अन्य पार्षद अलग-थलग थे। चुनाव के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं हो रहा था, ऐसे में दूसरे गुट की कोशिश थी कि एंटी कापड़ीवास गुट के सभी पार्षदों को इकट्ठा कर बाहर भेज दिया जाए जिससे चुनाव टाला जा सके।
स्लॉग ओवर में टिकानिया भी हुई आउट
सूत्रों के मुताबिक कापड़ीवास खेमे में ही सभी 30 पार्षद होने के बाद भी विनीता पीपल और अमृतकला टिकानिया दो के नाम सामने आ रहे थे। हालांकि समर्थन का प्रतिशत पहले से ही पूरी तरह विनीता पीपल के साथ था। नगर परिषद हॉल में नप प्रधान के लिए विनीता पीपल का नाम प्रस्तावित था, इसका सभी ने समर्थन कर दिया। अमृतकला टिकानिया का नाम सामने ही नहीं आया और सर्वसम्मति से पीपल प्रधान चुनी गईं। हालांकि अमृतकला टिकानिया का प्रधानी के सीन से आउट होना तभी साबित हो गया था जब वे पार्षद सुचित्रा चांदना के साथ कापड़ीवास गुट से अलग नगर परिषद पहुंची थीं।
सबका साथ सबका विकास होगा लक्ष्य: पीपल
नगर परिषद प्रधान बनने के बाद इतने सालों में रुके विकास कार्यों को तेजी देना प्राथमिकता होगी। नप प्रधान बनीं शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारु करना, डेवलपमेंट, अनअप्रूव्ड कालोनियों को अप्रूव्ड कराना, पानी, नालियों की सुचारु व्यवस्था करना प्राथमिकता होगी। सभी पार्षदों ने पार्टिगत राजनीति छोड़कर सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से निर्विरोध प्रधान चुना है। पार्षदों और खासकर रेवाड़ी विधायक के फैसले को सही साबित करके दिखाऊंगी।