रेवाड़ी अनाज मंडी में अनाज से ज्यादा अन्य व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। मंडी प्रशासन की लाख कोशिशों और कार्रवाई के बाद भी अनाज मंडियों से अन्य प्रकार के व्यापार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेवाड़ी नई अनाज मंडी में आढ़त कम और दूसरे प्रतिष्ठान अधिक नजर आते हैं। व्यापारियों ने अनाज का काम छोड़कर दुकानों में कोचिंग सेंटर, हार्डवेयर-पेंट, टाइल्स, इलेक्ट्रानिक शोरूम, ट्रेवल एजेंसी सहित अन्य प्रतिष्ठान खोलकर दूसरा काम शुरू कर दिया है। मंडी प्रशासन की नाक के नीचे व्यापारियों द्वारा बड़े-बड़े शोरूम और सेंटर खोलने के बाद भी प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। अनाज मंडी परिसर में 265 दुकानों में से 60 के करीब दुकानोें में शोरूम चल रहे हैं।
तीस साल पहले लगी थी बोली:
व्यापारियों की मानें तो न्यू अनाज मंडी की जगह पहले न्यू मंडी टाउनशिप की भूमि हुआ करती थी। बाद में यह जगह मार्केट कमेटी के अधीन आ गई। वर्ष 1977-78 में मंडी की दुकानों की ओपन बोली लगी थी। उस समय बोली 24 से 25 हजार तक प्रति दुकान लगी थी। सस्ती बोली का व्यापारियों ने भरपूर फायदा उठाया और अनाज मंडी का विकास भी तुरंत प्रभाव से शुरू हुआ।
10 सालों में बदला मंडी का स्वरूप
अनाज मंडी परिसर में दुकानों की बोली लगने के बाद व्यापार कुछ ही समय में काफी अच्छा चलने लगा। किसानों को नई अनाज मंडी का भरपूर लाभ मिला। समय के साथ आढ़तियों, स्थानीय व्यापारियों का अनाज के व्यापार से रुझान कम हो गया और मंडी परिसर में अन्य प्रतिष्ठान बनने लग गए। कुछ व्यापारियों ने अपनी दुकान में स्वयं का दूसरा व्यापार कर लिया तो कुछेक ने दूसरे व्यापारियों को किराये पर दुकानें दे दी और कुछ व्यापारी अपनी दुकानों को बेच कर चले गए। ऐसे में मंडी परिसर में कोचिंग सेंटर, टाइल्स, इलेक्ट्रानिक शोरूम, मेडिकल शॉप, ट्रेवल एजेंसी जैसे व्यापार शुरू हो गए।
सीएम विंडो में शिकायत के बाद जागा प्रशासन:
मंडी परिसर के ही कुछ स्थानीय व्यापारियों की तरफ से सीएम विंडों में अन्य व्यापार के खिलाफ शिकायत के बाद प्रशासन ने आंखें खोली हैं। मार्केट कमेटी की तरफ से मंडी परिसर में 62 दुकानों के व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें उन्हें दुकानें खाली कर दोबारा से आढ़त शुरू करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। इन दुकानों में अनाज के अलावा अन्य तरह के व्यापार चल रहे हैं। नोटिस में 6 बैंक भी शामिल है। इन बैंकों की शाखाएं मंडी प्रशासन की अनुमति के बगैर मंडी परिसर में स्थापित की गई हैं।
अनाजमंडी परिसर में अनाज के अलावा जो भी अन्य व्यापार चल रहा है, उनसे संबंधित व्यापारियों को एक महीने में शोरूम हटाने और दूसरा व्यापार बंद करने के लिए एक महीने का नोटिस जारी किया है। व्यापारियों ने नोटिस रिसीव कर लिए हैं। निर्धारित समय में अन्य व्यापार नहीं हटाया गया, तो मंडी प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
- विनय यादव, सचिव, मार्केट कमेटी