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बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा स्कूल प्रशासन

Tue, 29 Mar 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
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सैनिक स्कूल - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के दो सैनिक स्कूलों में से एक रेवाड़ी स्थित स्कूल विवादों में आया है। सीनियर स्टूडेंट्स द्वारा जूनियर स्टूडेंट्स को प्रताड़ित करना, अध्यापकों के पढ़ाई पर ध्यान न देने, बच्चों के स्कूल कैंपस से बाहर रहने जैसे गंभीर मसलों के साथ अभिभावकों ने सोमवार को लघु सचिवालय में पहुंचकर उपायुक्त को लिखित शिकायत देते हुए स्कूल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की। अभिभावकों का शिकायती पत्र देखने और समस्याएं सुनने के बाद उपायुक्त ने भी मामले में स्कूल प्रिंसिपल से इस बाबत जानकारी लेने और जरूरी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वहीं स्कूल प्रशासन ने कुछ मामलों की जानकारी होने पर जांच कराने और कई आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
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कहा: सीनियर स्टूडेंट्स करते हैं जूनियर स्टूडेंट्स को प्रताड़ित
लघु सचिवालय पहुंचे प्रधान अभिभावक अनिल यादव ने बताया कि स्कूल में विभिन्न पदों जैसे कैप्टन, वाइस कैप्टन, हाउस कैप्टन आदि सीनियर स्टूडेंट जूनियर स्टूडेंट्स को प्रताड़ित करते हैं। 20 मार्च को नितिन यादव नामक छात्र के साथ भी ऐसा ही बर्ताव किया और विरोध करने पर पिटाई भी की। यही नहीं शिकायत करने पर स्टाफ ने भी सीनियर छात्रों का ही पक्ष लिया जाता है। 21 मार्च को वाइस प्रिंसिपल से इस मामले की शिकायत भी की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

खराब पढ़ाई, बच्चों के रात भर बाहर घूमने देने का भी आरोप
स्कूल पर यह भी आरोप लगाया गया है कि स्कूल से एनडीए का रिजल्ट शून्य रहा है। पढ़ाई का स्तर लगातार गिर रहा है। हॉस्टल होने के बावजूद स्कूल के बच्चों की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन ठीक ढंग से नहीं उठा रहा। बच्चे सैनिक स्कूल के बाहर रात भर बाहर घूमते और अन्य शादी समारोहों में खाना खाते हैं। इसके अलावा छात्रों के एल्कोहल लेने की बात भी कई बार सामने आई हैं। ऐसे में स्कूल प्रशासन बच्चों को रोकने में नाकामयाब साबित हुआ है।
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अभिभावक बोले: माहौल ठीक नहीं हुआ तो कटवाना पड़ेगा नाम
अनिल यादव के नेतृत्व में पहुंचे अन्य अभिभावक सुमन देवी, राजकुमार, राजबीर, कांता देवी, तेज सिंह राजपाल आदि ने कहा कि इस बाबत स्कूल के आरोपी स्टाफ के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई कर सैनिक स्कूल का माहौल नहीं सुधारा गया तो उन्हें मजबूरन बच्चों का नाम स्कूल से कटवाना पड़ेगा। 

स्कूल प्रिंसिपल बोले: मारपीट मामले की जांच, बाकी आरोप निराधार
सैनिक स्कूल का रिजल्ट 10वीं में सौ प्रतिशत रहा है। जबकि 12वीं कक्षा की परीक्षा पहली बार हुई है। ऐसे में रिजल्ट खराब कैसे कहा जा सकता है। वहीं एनडीए में 59 में से 4 स्टूडेंट्स ने लिखित परीक्षा पास की है। छात्रों के बाहर जाने की बात है तो कुछ बार ऐसी शिकायत सामने आई हैं और बच्चों को दंडित किया गया है। मारपीट और प्रताड़ना के मामले की जांच के लिए इंटरनल इंक्वायरी कमेटी बना चुके हैं। 30 को स्टूडेंट्स के आने पर जांच होगी। 
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राजीव शर्मा, प्रिंसिपल, सैनिक स्कूल
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