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बैंक खुले: नोट लेकर उमड़ा ग्राहकों का हुजूम

Fri, 11 Nov 2016 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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नोट लेकर उमड़ा - फोटो : अमर उजाला
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रेवाड़ी में 500 और 1000 रुपये की करेंसी बैंकों से एक्सचेंज कराने और जमा कराने के लिए पूरा जिला ही अपने-अपने बैंकों की ब्रांचों में उमड़ पड़ा। आमतौर पर बैंकों में भले ही कामकाज 10 बजे शुरू होता हो लेकिन वीरवार को सुबह छह बजे से ही बैंकों के खाताधारक अपनी-अपनी ब्रांच के आगे कतारों में लगे थे। किसी के हाथ में 500 और 1000 रुपये के नोटों का बंडल था तो कोई बैग में रुपये भरकर खाते में जमा कराने के लिए लाया था। लीड बैंक के मैनेजर नरपाल सिंह के अनुसार पहले दिन करीब 490 करोड़ रुपये जिले के विभिन्न ब्रांचों में जमा हुई है। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये की करेंसी बदली गई है। जिले के पीएनबी, एसबीआई, एसबीबीजे, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों में शाम तक लोग अपनी रकम एक्सचेंज और जमा कराने के लिए मौजूद रहे।

750 करोड़ कालाधन भी निकलने की उम्मीद
शहर के एक विश्वसनीय सूत्र के मुताबिक 500 और 1000 रुपये की पुरानी करेंसी बंद होने के चलते जिले में करीब 750 करोड़ रुपये से ज्यादा का कालाधन रिकवर होने की उम्मीद है। हालांकि कालाधन को सफेद करने के लिए विभिन्न धनकुबेर पैंतरे अपना रहे हैं। कई लोगों ने अपनी कंपनी या फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर और निचले तबके के कर्मियों को कैश तनख्वाह के तौर पर बंद हुई करेंसी ही दी है। वहीं कई जगह लोगों को सस्ते या न के बराबर ब्याज की दर पर उधार रुपये दिये जा रहे हैं।
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सुरक्षा के लिए पुलिस रही मौजूद फिर भी हुआ हंगामा
हर बैंक की ब्रांच पर जिला पुलिस के कर्मी सुरक्षा के तौर पर मौजूद थे। इसके साथ ही बैंकों ने निजी स्तर पर भी सुरक्षा की व्यवस्था कर रखी थी। बावजूद उसके लगभग हर बैंक में सुबह से शाम तक ग्राहकों की बैंक कर्मियों तो कहीं लाइन में आगे पीछे लगने को लेकर कहासुनी हो गई। कई जगह तो हंगामा भी हुआ। शिव चौक के पास एक निजी बैंक की ब्रांच में हंगामा इतना बढ़ गया कि अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा। इसके अलावा बैंक शाखा के अंदर भीड़ ज्यादा न इकट्ठा हो, इसके लिए एक निश्चित गिनती के बाद मुख्य गेट पर ताला भी लगाया गया।

बस अड्डे पर रोजाना से कम पहुंचीं सवारी
रेवाड़ी स्थित रोडवेज बस अड्डे की बात करें तो रोजाना की तुलना में बस अड्डे पर कम सवारियां दिखाई दीं। इसके पीछे कारण के तौर पर लोगों का अपनी रकम जमा कराने और एक्सचेंज करने के लिए बैंकों में व्यस्त होना दिखा।

कालाधन कुबेरों को खाली करना होगा खजाना      
रेवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री के अध्यक्ष एवं फाउंडेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के सदस्य अमित स्वामी ने केंद्र व वित्त सरकार मंत्रालय द्वारा कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए 500 व 1000 रुपये को बंद करने के निर्णय को सही बताया है। उन्होंने कहा कि काले धन की उगाही के लिए यह सही निर्णय है। इससे कुछ समय तो असुविधा रहेगी, लेकिन लांग टर्म में मुनाफा होगा। इससे पहले काफी प्रयास सरकार ने किये थे, लेकिन अब कालेधन कुबेरों को खजाना खाली करना होगा।

देशहित में है करेंसी बंद करने का नियम 
रेवाड़ी। आवाज फाउंडेशन हरियाणा की जिला इकाई रेवाड़ी के अध्यक्ष सूबेदार मेजर सत्य नारायण सांभरिया, निमोठ ने केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट बन्द करने के निर्णय को देशहित में सराहनीय कदम बताया। इससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा तथा जाली करेंसी खत्म होने के साथ ही कालाधन रखने वाले भी बेनकाब होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा उठाये गए इस कदम की जीतनी सराहना की जाये उतनी कम है।

डाकखाने में खुले दो अतिरिक्त एक्सचेंज काउंटर
रेवाड़ी। एक हजार, पांच सौ के नोट एक्सचेंज कराने के लिए बैंकों से लेकर डाकखानों में लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। हर आदमी के हाथ में पांच सौ और हजार के नोट थे। महज चार हजार रुपये के एक्सचेंज के लिए लोगों ने घंटों तक लाइन में खड़े रहकर इंतजार किया। झज्जर चौक स्थित मुख्य डाकखाने में नोट एक्सचेंज के लिए अलग से दो काउंटर बनाए थे। गुरुवार को डाकखाने में 2 लाख रुपए एक्सचेंज हुए। लोगों की सुविधा के लिए एक्सचेंज काउंटर पर अतिरिक्त स्टाफ भी लगाया हुआ था। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि डाकखाने में बैंकों की तुलना में नोट एक्सचेंज की व्यवस्था काफी बेहतर रही।

100 के नोटों का टोटा
डाकखाने में 500-1000 के नोट के बदले एक सौ रुपये के नोट लोगों ने नहीं मिल पाए। एक्सचेंज कराने वालों की संख्या बढ़ जाने से सुबह के समय ही एक सौ रुपयों की गिड्डी खत्म हो गई थी। इसके विकल्प में डाककर्मियों ने 10 और 20 रुपये के नोट देकर 500-1000 की करेंसी चेंज की। गुरुवार को डाकखाने में 2 लाख रुपये 10 और 20 रुपये के नोट में एक्सचेंज किए।

रेलवे टिकट बूथ पर रही परेशानी
रेवाड़ी। स्थानीय रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटरों पर रेलवे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 500 रुपये से कम के नोटों की कमी के चलते बहुत से यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाई, जिसके चलते यात्रियों की ट्रेन छूट गई और व अगली रेलगाड़ी के इंतजार में बैठे रहे। कई यात्रियों के साथ तो लाइन में घंटों तक खड़े रहने के बाद भी टिकट नहीं मिल पाई। यात्रियों ने बताया कि उनका नंबर आने तक टिकट बूथ पर 100 व इससे कम के नोट ही खत्म हो गए, जिससे रेलवे कर्मियों ने 500 व एक हजार के नोट लेने से मना कर दिया। वहीं रेलवे अधिकारियों कऱ कहना था कि टिकट काउंटरों पर 500 से कम के छुट्टे पैसे होने पर किसी भी यात्री को टिकट के लिए मना नहीं किया गया। बीच-बीच में काउंटर पर छोटा कैश खत्म हो रहा ा, जैसे ही छोटा कैश आता था, तो यात्रियों को तुरंत प्रभाव से बड़ा नोट छुट्टा कर टिकट दी गई है। उन्होंने बताया कि बहुत से यात्री जानबूझकर 500-1000 के नोट ही टिकट खरीदने के लिए दे रहे थे। जबकि उन्होंने यात्रियों से अपील की थी कि जिन यात्रियों के पास छुट्टे पैसे हैं, वे बड़ा नोट न दें। लेकिन सभी को टिकट की बजाय 500-1000 के नोट छुट्टा कराने की पड़ी थी। ऐसे में अन्य यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

एटीवीएम मशीन पर खड़े रहे यात्री
रेलवे टिकट हॉल में लगी एटीवीएम मशीनों पर भी यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाई। फैसिलिटेटरों ने छुट्टे पैसे की कमी आने से यात्रियों को साफ तौर पर 500-1000 के नोट लेने से इनकार कर दिया। फैसिलिटेटरों का कहना था कि सुबह से उनके पास प्रत्येक यात्री छोटी से छोटी टिकट खरीदने के लिए भी 500 व एक हजार के नोट दे रहे हैं। ऐसे में उनका सारा छोटा कैश खत्म हो गया।

बिहार जाना था, टिकट ही नहीं मिली
वीरवार को रेलवे टिकट काउंटर पर एक घंटे लाइन में खड़े होने के बाद रेलवेकर्मी यात्री रिंकू मंडल को टिकट देने से ही इनकार कर दिया। कारण, काउंटर पर 500 रुपये के छुट्टे नहीं थे। इसके बाद यात्री एटीवीएम मशीन के फैसिलिटेटर के पास गया, तो वहां भी 500 का नोट देखते ही फैसिलिटेटर ने रिंकू को मना कर दिया। रिंकू ने बताया कि रेवाड़ी में मजदूरी का काम करता है। वह घर से अपने अन्य 10 साथी मजदूरों के साथ बिहार जाने के लिए निकला था, लेकिन रेलवे स्टेशन आकर पता चला कि यहां छुट्टे पैसों के बगैर टिकट मिलना ही मुश्किल हो गया है।

बैंक खुलते ही लगी पैसे जमा कराने वालों की लगी भीड़  .
खोल। खंड खोल क्षेत्र के ग्रामीण अंचल के बैंकों के बाहर सुबह 9 बजे से भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। जैसे बैंक 10 बजे खुला तो पैसे जमा कराने वाले व 500 व 1000 रुपये के नोटों को बदलवाने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग गई। बैंक कर्मियों ने ग्राहकों को संतुष्ट किया कि सभी के पैसे जमा होंगे और बदले भी जाएंगे। एक खिड़की पर तीन-तीन लंबी लाइनें लगी थी। बैंककर्मियों ने पहले दिन सभी ग्राहकों को बड़े ही अच्छे ढंग से संतुष्ट किया।

ग्रामीण संतु शर्मा, विनोद कुमार, बंटी कुमार, सतीश कुमार, दयानंद, शैलेंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काम तो अच्छा किया है। 2-4 दिन गरीब व्यक्ति को भी इससे परेशानी होगी। क्योंकि न तो 1000 व 500 के नोटों को दुकानों, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी पर लिया जा रहा है। एक ही दिन में थोड़ी तंगी जरूर हुई और लोगों की दिनचर्या भी इसका असर पड़ा है। लोगों ने कहा कि इससे भ्रष्टाचार मिटेगा और सरकार का खजाना भी भरेगा और टैक्स चोरी करने वाले लोगों के लिए यह सबक भी होगा।
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डहीना उप तहसील में नहीं लिए नोट
उप तहसील डहीना में कर्मचारियों द्वारा 500 व 1000 रुपये के नोट लेने से मना कर दिया। इसलिए कार्य बाधित रहा और लोग 100-100 रुपये के नोटों के लिए इधर से उधर चक्कर काटने लगे। इस बारे में डहीना उप तहसील के नायब तहसीलदार उमेश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी उनके पास जिला उपायुक्त के कोई आदेश नहीं आए कि 500 व 1000 रुपये के नोट लेने हैं। आदेश आते ही 500 व 1000 रुपये के नोट लिए जाएंगे।
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