फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के कॉलेज आईजीयू से जुड़ेंगे

Sun, 23 Oct 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के सभी कॉलेज अब एमडीयू की जगह इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर से संबंद्धित होंगे। अब इन दोनों जिलों के कॉलेजों के हजारों छात्रों को अपने काम के लिए एमडीयू नहीं भागना पड़ेगा। शनिवार को शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने इसकी घोषणा कर दी है। दो जिलों के कॉलेजों के संबंद्धित होने से अभी तक बजट सहित अन्य समस्याओं से जूझ रही यूनिवर्सिटी के विकास को भी पंख लगेंगे। साथ ही दोनों जिलों के विद्यार्थियों को भी अपने कार्य के लिए रोहतक नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन

लंबे समय से चली आ रही क्षेत्र की मांग शिक्षामंत्री ने पूरी कर दी है। शिक्षामंत्री ने शनिवार को आईजीयू के कुलपति प्रो. एसपी बंसल और कुलसचिव डॉ. मदनलाल के सामने रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के डिग्री, इंजीनियरिंग एवं बीएड कॉलेज आईजीयू में संबद्धित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यह होगा लाभ
यूनिवर्सिटी खुले करीब तीन साल हो गए हैं। सच तो यह है कि बिना यूनिवर्सिटी अभी रीजनल सेंटर की ही तरह काम कर रही थी। ना तो यूनिवर्सिटी के अधीन कोई कॉलेज थे और ना ही यूनिवर्सिटी मेें पूरेे संसाधन। अब इन दो जिले के कॉलेजों के यूनिवर्सिटी में संबंद्धित होने से यूनिवर्सिटी के बजट में वृद्धि होगी। इससे यूनिवर्सिटी का भी विकास होगा।
विज्ञापन


छह जिलों की थी मांग
यूनिवर्सिटी बनते समय यहां महेंद्रगढ़, नारनौल, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद और गुडग़ांव के कॉलेज इससे संबंद्धित होने की मांग की जाती रही है। अभी केवल रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के कॉलेज ही इसमे समायोजित हुए हैं। मीरपुर यूनिवर्सिटी में अभी तक कुल 3500 विद्यार्थी विभिन्न संकायों से अध्ययन कर रहे हैं। इन दो जिलों के सभी कॉलेजों के संबंद्धित होने से अब इसके विकास को पंख लगेंगे। छात्रों की संख्या बढ़ने से बजट राशि में बढ़ोतरी होगी। यूनिवर्सिटी अपने विकास में भी कुछ कर सकेगी।

होगा यूनिवर्सिटी का विकास
सरकार का यह निर्णय शिक्षा के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस इलाके के लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा यूनिवर्सिटी का भी विकास होगा। - प्रो. एसपी बंसल, वीसी, आईजीयू

सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है फिर भी हमारा प्रयास छह जिलों के कॉलेजों को संबंद्धित कराना था। अभी हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। - रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें