रेवाड़ी। जिले में फसलों की खरीद को लेकर कोसली, बावल, रेवाड़ी की मंडी सुनिश्चित की गई है। साथ ही व्यवस्था को दुरुस्त करने के भी निर्देश मुख्यालय की ओर से दिए गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ समय बाद मंडी में फसल आनी शुरू हो जाएगी। ऐसे में व्यवस्थाओं को अभी से ही दुरुस्त कर मंडी प्रशासन अपनी तैयारी करेगा।
दूसरी ओर पड़ोसी राज्य राजस्थान व अन्य जिलों से नई सरसों की आवक स्थानीय मंडी में होने लगी है। वहां पर जल्दी कटाई शुरू हो जाती है। इसलिए मंडी में भी सरसों जल्दी पहुंचती है। जिले में भी सरसों की फसल पकाव पर पहुंच चुकी है। कई क्षेत्रों में कटाई शुरू भी हो गई है। मार्च में कटाई शुरू हो जाती है। जिले में इस बार सरसों की 74 हजार 500 हेक्टेयर में बिजाई की गई थी। पिछले साल की तुलना में यह कुछ ज्यादा क्षेत्र है। पिछले वर्ष बाजार भाव व सरकारी समर्थन मूल्य में 200 से 300 रुपये ही अंतर था, लेकिन इस बार अभी ज्यादा है। इसलिए एमएसपी पर ही सरसों की बिक्री ज्यादा होने की संभावना रहेगी।
10 मार्च से पहले फसल मंडी में पहुंचनी हो जाती है शुरू
10 मार्च से पहले फसल मंडी में पहुंचनी शुरू हो जाती है। अभी मंडी में सरसों का प्रति क्विंटल भाव 4800 से लेकर 5 हजार चल रहा है। इस बार सरकारी समर्थन मूल्य 5650 रुपये प्रति क्विंटल है। पिछले वर्ष 5450 रुपये प्रति क्विंटल रेट थे। सरकार ने 200 रुपये समर्थन मूल्य बढ़ाया है। इस बार बाजार भाव व सरकारी समर्थन मूल्य में 700 रुपये से ज्यादा अंतर चल रहा है। मंडी में आवक बढ़ने पर यह अंतर और बढ़ सकता है। इधर, दो दिन से मौसम में आ रहे बदलाव ने भी किसानों की चिंता को बढ़ाया हुआ है। क्योंकि क्षेत्र में हल्की बरसात की संभावना बताई गई है। ऐसे में अब पकाव पर खड़ी सरसों में नुकसान हो सकता है।
सरकार कब से एमएसपी पर सरसों की करेगी खरीद
सरकार कब से एमएसपी पर सरसों की खरीद करेगी, यह कुछ नहीं कहा जा सकता है। पिछले वर्ष 15 मार्च से सरसों की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू हो गई थी। एमएसपी पर सरसों की बिक्री करने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी है। बिना पंजीकरण के बिक्री नहीं कर सकेंगे।
वर्ष रकबा (हेक्टेयर) क्विंटल (प्रति हेक्टेयर)
2017-18 66 हजार 22.95
2018-19 72 हजार 22.96
2019-20 78 हजार 18.05
2020-21 76 हजार 22.89
2021-22 85100 19.49
2022-23 80200 19.33
2023-24 74500
इस बार एक अतिरिक्त शेड का भी निर्माण कराया हुआ है। इससे बरसात से किसानों की फसल सुरक्षित रहेगी। खरीद की तैयारियां पूरी है। मंडी का मुख्य गेट बनाया जा चुका है और सचिवालय की तरफ वाले गेट का कार्य चल रहा है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा।
नरेंद्र सिंह, मार्केट कमेटी रेवाड़ी।