रेवाड़ी। रात के अंधेरे या सुनसान स्थान पर अज्ञात वाहन की टक्कर से राहगीर के घायल होने या मृत्यु होने की स्थिति में पीड़ित परिवार को जनरल इंश्योरेंस कंपनी से मुआवजा दिलाने का प्रावधान है। ऐसे मामलों को हिट एंड रन श्रेणी में दर्ज किया जाता है। रेवाड़ी में इस तरह के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए है।
जिले में इस वर्ष हिट एंड रन के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रेवाड़ी में 79, बावल में 35 और कोसली में 5 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जाती है।
संबंधित क्षेत्र के एसडीएम द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त (डीसी) कार्यालय को भेजी जाती है, ताकि मुआवजा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा की अध्यक्षता में हिट एंड रन कमेटी की मीटिंग का आयोजन किया गया।
सीजेएम अमित वर्मा ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार राजशेखरन वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया केस में दिए गए आदेश को ध्यान में रखते हुए हिट एंड रन मामलों के बारे में उचित दिशा निर्देश दिए हैं।
सीजेएम ने कहा कि अभी तक जो मामले पुलिस ने दर्ज किए हैं, उनमें इंश्योरेंस कंपनी से मिलकर पीड़ितों को क्लेम दिलवाने की प्रक्रिया तेज की जाए।