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मूंदी में बाढ़ के हालात, घरों में घुस रहा पानी..

Sat, 13 Aug 2016 01:12 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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बरसात से मूंदी और बास-बटोड़ी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पिछले दो दिन से हो रही बरसात से मूंदी और बास-बटोड़ी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालत बन गए हैं। लोगों के घरों में पानी घुस आया है। इससे लोग काफी भयभीत हैं। हालांकि यहां बरसात के मौसम में पहाड़ों से खेतों में होता हुआ सीधा मूंदी गांव तक पहुंचता है। शुक्रवार देर शाम मूंदी गांव में तेज रफ्तार से पानी आ रहा है।
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पानी गोठड़ा-पाली होते हुए मामडिय़ा,  मामडिय़ा आसमपुर, मामडिय़ा, बटोड़ी, बास व मूंदी तक पहुंच गया है। पानी से खेत जलमग्र हो गए हैं। कपास व बाजरे की फसल में पानी ठहर गया है। जिससे फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है। अगर ऐसे ही लगातार बरसात होती रही तो पूरा गांव में बाढ जैसे हालत बन जाएंगे।

हर साल होता है नुकसान
इन क्षेत्र में हर साल राजस्थान के पहाड़ों का पानी खेतों और घरों में घुस जाता है। जिस कारण यहां किसान एक ही सीजन की फसल उठाता है। दूसरे सीजन की फसल व सोच-समझ की बुवाई करता है। क्योंकि यहां के किसानों को पता है कि हर साल राजस्थान के पहाड़ों का पानी तेज रफ्तार से मूंदी-नांगल तक पहुंचता है। जिससे फसल पूरी खराब हो जाती है और किसान लागत पूंजी बेकार हो जाता है।
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बीपीएल प्लाटधारियों का रास्ता हुआ बंद
सरपंच सुनीता देवी के पति ने बताया कि दो दिन से हो रही लगातार बरसात से मूंदी में बाढ़ जैसे हालत हो गए है। बीपीएल प्लाटधारियों को रास्ता जाम हो गया। मूंदी से प्राणपुरा व बास-बटोड़ी को जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह जाम हो गया है। लगातार आ रहे पानी के बीच फंस कर अनेक वाहन खराब हो गए है। सड़क टूट गई और उसमें गड्ढे बन गए है।

स्कूल बिल्डिंग गिरने के कगार पर
बरसात के चलते मूंदी के राजकीय हाई स्कूल में पानी ठहर गया है। पानी की कहीं कोई निकासी नहीं है। जिससे स्कूल बिल्डिंग गिरने का कगार है। स्कूल स्टाफ ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। लेकिन नई बिल्डिंग के साथ गंदे पानी का नाला निकलता है। बरसात से वह नाला ओवरफ्लो हो जाता है पानी स्कूल बिल्डिंग की दीवार के साथ खड़ा हो जाता है। इतना ही पानी स्कूल के अंदर भी घुस जाता है। जिससे नई बिल्डिंग के गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इस बारे में स्कूल द्वारा समय-समय पर जिला प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।  स्कूल स्टाफ ने बताया कि वर्ष 2013 से लेकर अब तक इस बाबत 10 बार बीडीपीओ खोल व जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है।

हर साल मूंदी गांव में आने वाले पानी से किसानों की फसल चौपट हो जाती है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मूंदी के चारों तरफ वाटर रिचार्ज बोरिंग कराया जाए। ताकि पानी उसमें जा सके। उन्होंने बताया कि स्कूल के साथ लगते गंदे नाले के लिए भी वाटर रिचार्ज बोरिंग की आवश्यकता है।
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सुनीता देवी, सरपंच, मूंदी
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